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पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में बढ़े 40 लाख से ज्यादा वोटर्स

9 अंकों के यूनिक वोटर नंबर के साथ फाइनल लिस्ट जारी, निर्वाचन आयोग ने फर्जी वोटिंग रोकने को उठाया ऐतिहासिक कदम।

उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तमाम दावों, आपत्तियों के निस्तारण और गहन सत्यापन के बाद बुधवार को अंतिम मतदाता सूची (फाइनल वोटर लिस्ट) आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इस बार आयोग ने चुनाव प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हर मतदाता को 9 अंकों का एक 'यूनिक स्टेट वोटर नंबर' जारी किया है, जिससे मतदान केंद्र पर मोबाइल ऐप के जरिए फोटो लेते ही फर्जी वोटिंग का तुरंत पता चल जाएगा। हालांकि, सूची जारी होने के साथ ही कई जिलों में तकनीकी दिक्कतों के कारण मतदाताओं को इसे डाउनलोड करने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। कुल 169 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई इस फाइनल लिस्ट में करीब 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए हैं, जबकि 1.41 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जिसके चलते इस बार कुल वोटर्स की संख्या में 40.19 लाख की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

चुनाव में पारदर्शिता के लिए योगी सरकार और आयोग का बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पंचायत चुनाव को पूरी तरह से हाईटेक और त्रुटिहीन बनाने के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और निष्पक्ष चुनाव की नीति के तहत पहली बार लागू की गई 9 अंकों की यूनिक आईडी व्यवस्था जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

प्रशासकों की नियुक्ति और ओबीसी आरक्षण पर गंभीर रुख

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बीती 26 मई को समाप्त हो चुका है, लेकिन समय पर चुनाव न हो पाने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक व्यावहारिक और बड़ा फैसला लिया है। विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए, इसलिए निवर्तमान प्रधानों को ही अगले 6 महीने के लिए प्रशासक के तौर पर जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसके साथ ही, चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को पूरी तरह न्यायसंगत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक पिछड़ा वर्ग आयोग का भी गठन किया है, जो 6 महीने के भीतर जिलावार आर्थिक और सामाजिक स्तर की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। वर्ष 2021 के परिसीमन के अनुसार, यूपी की 58,189 ग्राम पंचायतों, 824 क्षेत्र पंचायतों और 75 जिला पंचायतों में चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां बेहद तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

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