मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक में बताया कि मध्य प्रदेश में 15 से 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इस पखवाड़े का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। इस दौरान प्रदेश के सभी स्कूलों में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
स्कूलों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग गतिविधियां तय की हैं। इनमें भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, संस्कृत श्लोक प्रस्तुति, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, पौधरोपण और करियर मार्गदर्शन जैसे कार्यक्रम शामिल रहेंगे। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जाएगा।
जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ भी होंगे शामिल
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ और स्थानीय स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास को ध्यान में रखते हुए उनके लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। करियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों में विशेषज्ञ विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार से जुड़ी जानकारी देंगे।
भारतीय संस्कृति और समाजोत्थान पर रहेगा जोर
पखवाड़े के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को समझाने के साथ समाजोत्थान से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पौधरोपण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा दी जाएगी। जिलों के प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि भी इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक सोच को मजबूत करेंगे।