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यूपी में 'ओबीसी' समन्वय और सुशासन की महा-योजना

पिछड़ा वर्ग मोर्चा की बैठक में भाजपा ने गढ़ी चुनावी चक्रव्यूह की रणनीति, मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों को बूथ स्तर तक ले जाने का संकल्प।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सबसे बड़ी ताकत यानी पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज को पूरी तरह लामबंद करने के लिए लखनऊ स्थित राज्य मुख्यालय पर एक उच्च स्तरीय संगठनात्मक खाका खींचा है। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद डॉ. के लक्ष्मण और प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप की अगुवाई में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में यह साफ किया गया कि आगामी चुनाव में ओबीसी समाज की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी। पार्टी की मूल रणनीति ओबीसी समाज की सभी जातियों को एक साझा मंच पर लाकर संगठन को अभेद्य मजबूती देना है। इसके तहत जिला, मंडल और बूथ स्तर पर संगठन के ढांचे को और अधिक सशक्त बनाते हुए उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ओबीसी समाज के बड़े सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे धरातल पर सक्रिय होकर पार्टी की राष्ट्रवादी नीतियों और ऐतिहासिक उपलब्धियों के दम पर अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक सदस्यता दिलाकर संगठन से जोड़ें।

इस चुनावी चक्रव्यूह के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफल 12 वर्षों का बेमिसाल रिपोर्ट कार्ड है। देश के 22 राज्यों में जनसेवा कर रहे एनडीए गठबंधन ने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को एक जनआंदोलन का रूप दिया है, जिससे 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। डिजिटल गवर्नेंस और डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पैसा भेजकर 4.31 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं, जबकि सीमाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी मजबूत इच्छाशक्ति से नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश 'ग्रीन ग्रोथ जोन' में बदल चुका है।

इस सुशासन के तहत जनधन योजना के 58 करोड़ खातों (32 करोड़ महिलाओं के) सहित 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत में 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड और सुरक्षा बीमा में 58 करोड़ लोगों को सुरक्षा कवच मिला है। बुनियादी स्तर पर पीएम आवास से 4 करोड़ पक्के मकान, उज्ज्वला से 11 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन, जल जीवन मिशन से 16 करोड़ घरों तक नल का पानी और स्वच्छ भारत से 12 करोड़ शौचालय बने हैं। स्वरोजगार हेतु पीएम स्वनिधि से 74 लाख रेहड़ी-पटरी वालों, मुद्रा योजना से बिना गारंटी 57 करोड़ से अधिक और पीएम विश्वकर्मा से 30 लाख कारीगरों को ऋण मिला है। वहीं, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना में 79000 करोड़ का आवंटन, पीएम किसान सम्मान निधि से 11 करोड़ किसानों को 4.3 लाख करोड़ की सीधी मदद, लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ महिलाओं को लाभ और मध्यम वर्ग को राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा 12.75 लाख रुपये की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर पिछले 12 वर्षों में 4 लाख किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का 1.46 लाख किमी तक विस्तार, रेलवे का 99.6% विद्युतीकरण, 1337 अमृत भारत स्टेशनों का विकास, 26 शहरों में 1095 किमी मेट्रो नेटवर्क और हवाई अड्डों की संख्या 164 पार पहुँचाना मोदी सरकार की आत्मनिर्भर यात्रा को दर्शाता है। इसके साथ ही 23 नए एम्स, मिशन इंद्रधनुष के तहत 5.4 करोड़ बच्चों का टीकाकरण, बाबा साहेब के 'पंचतीर्थ' का विकास और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस' घोषित कर वंचितों को ऐतिहासिक सम्मान दिया गया है।

इस मजबूत केंद्रीय आधार के समानांतर उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा में योगी सरकार के सफल 9 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो केवल सरकार बदलने का नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का स्पष्ट संदेश है। इन 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अराजकता से व्यवस्था और बीमारू से विकासशील राज्य बनने की ऐतिहासिक यात्रा तय की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णायक नेतृत्व में अपनाई गई अपराध और अपराधियों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का ही नतीजा है कि आज 'नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा' का नारा हकीकत बन चुका है, जो राज्य में निवेश और विकास का सबसे बड़ा आधार है। बिना किसी भेदभाव के अंत्योदय के मूल मंत्र पर चलते हुए सरकार 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 5.60 करोड़ आयुष्मान कार्ड और कुल 9 करोड़ लोगों को बीमा कवर दे रही है। सामाजिक सुरक्षा के तहत 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों की मासिक पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर अगले महीने से 1500 रुपये किया जा रहा है। इसी सुशासन की बदौलत राज्य की जीएसडीपी 2017 के 13 लाख करोड़ से लगभग तीन गुना बढ़कर आज करीब 36 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है और प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

साफ तौर पर यह रेखांकित होता है कि भाजपा आगामी प्रांतीय चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है, जहां वह केंद्र सरकार की कल्याणकारी नीतियों, योगी सरकार के सुरक्षा-सुशासन मॉडल और जमीनी स्तर पर ओबीसी समुदाय के सशक्त जुड़ाव के त्रिकोण पर भरोसा करते हुए उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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