

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का आगामी मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस चार दिवसीय संक्षिप्त किंतु महत्वपूर्ण सत्र के लिए तैयारियाँ पूर्ण कर ली हैं। विधानसभा की नियमावली के तहत तय समय-सीमा के भीतर सभी सदस्यों को सत्र की औपचारिक सूचना उपलब्ध कराई जा रही है।
इस सत्र का मुख्य केंद्र बिंदु चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट होगा। सरकार विकास योजनाओं की रफ्तार को और तेज करने, नई प्राथमिकताओं को पूरा करने तथा राज्य में चल रही बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को अतिरिक्त वित्तीय संबल प्रदान करने के लिए अनुपूरक अनुदानों की मांगें सदन के पटल पर रखेगी।
अनुपूरक बजट के साथ-साथ, मंत्रिमंडल (कैबिनेट) द्वारा जनहित और प्रशासनिक सुधारों के लिए स्वीकृत किए गए अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयकों को भी इस सत्र के दौरान सदन के पटल पर पेश कर पारित कराया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिकोण से भी यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, जनहित की योजनाओं को रफ्तार देने और राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई दूरगामी व महत्वपूर्ण निर्णय इस दौरान लिए जा सकते हैं। सत्र के दौरान विधायी कार्यों को सुचारू रूप से पूरा कर राज्य की प्रगति को नई दिशा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रशासनिक दृढ़ता, सुशासन और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ एक आधुनिक औद्योगिक पावरहाउस बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।