Latest

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा प्रतियोगिता 2026

प्रादेशिक सेना ने साइबरपीस के साथ मिलकर 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' लॉन्च किया।

प्रादेशिक सेना ने साइबर सुरक्षा फर्म ‘साइबरपीस’ के साथ मिलकर 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' के तीसरे संस्करण का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है। यह एक राष्ट्रीय स्तर का हैकाथॉन है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की रक्षा, साइबर सुरक्षा और सूचना संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए नवीन और स्वदेशी तकनीक विकसित करना है। इस पहल के माध्यम से भारतीय सेना देश के शिक्षा क्षेत्र, आईटी उद्योग, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और सशस्त्र बलों की शीर्ष तकनीकी प्रतिभाओं को एक मंच पर ला रही है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को डिजिटल स्तर पर मजबूत बनाया जा सके।

यह पूरा आयोजन मुख्य रूप से तीन प्रतिस्पर्धी श्रेणियों में आयोजित किया जा रहा है। पहली श्रेणी 'बग हंटिंग' है, जो एक ऑनलाइन 'कैप्चर-द-फ्लैग' क्वालिफायर से शुरू होकर लाइव सैंडबॉक्स फाइनल तक चलेगी, जहाँ प्रतिभागी काल्पनिक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा कमियों की पहचान करेंगे। दूसरी श्रेणी 'एआई कवच' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर केंद्रित है, जिसका काम भविष्य के खतरों की अग्रिम जानकारी और स्वचालित सुरक्षा प्रणाली तैयार करना है। तीसरी श्रेणी 'क्रिएटर्स चैलेंज' डिजिटल मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए है, ताकि डीपफेक, ऑनलाइन फ्रॉड और भ्रामक जानकारी जैसे डिजिटल खतरों के खिलाफ प्रभावी जागरूकता अभियान बनाए जा सकें।

इस प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 तय की गई है। इसके बाद 1 से 10 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया में सफल रहने वाले प्रतिभागियों के बीच 6 से 8 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में ग्रैंड फिनाले खेला जाएगा। अंत में, 9 अक्टूबर 2026 को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ इस हैकाथॉन का समापन होगा। यह आयोजन देश की डिजिटल सीमाओं को सुरक्षित करने और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने में बेहद मददगार साबित होगा।

ED probe puts CPM under pressure, opens political space

Direct Mayors & 34% BC Quota: New Math of Andhra Local Body Polls

Amit Shah Meets South CMs in Chennai for Key Talks

RSS Baithak : Focus On Gen-Z, Coordination with Affiliates

फर्जी सिम और डिजिटल फ्रॉड पर केंद्र सरकार की सख्ती