उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी अभी से तेज हो गई है। राज्य में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा ने इस बार प्रदेश के सबसे निर्णायक वोट बैंक यानी 'जेन-जी' और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए एक विशेष जमीनी खाका तैयार किया है।
पार्टी की इस रणनीति के केंद्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा की मुख्य भूमिका रहने वाली है। पार्टी प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा स्तर पर 10-10 ऊर्जावान कार्यकर्ताओं की विशेष टीमें गठित करेगी। ये टीमें जिलों के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और युवा चौपालों में जाकर सीधे छात्रों से मुलाकात करेंगी। भाजयुमो के अलावा आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं के साथ सीधे संवाद के कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि बूथ स्तर तक युवाओं से मजबूत जुड़ाव बनाया जा सके।
स्कूल-कॉलेज परिसरों और छोटे-छोटे समूहों में होने वाले इन कार्यक्रमों में युवा कार्यकर्ता शिक्षा, करियर, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं, प्रतियोगी माहौल और डिजिटल कंटेंट से जुड़े ज्वलंत विषयों पर छात्रों से निष्पक्ष राय व फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विपक्ष की तरफ से सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों और भ्रम पैदा करने वाले दावों का जवाब भी ये टीमें तथ्यों के साथ पेश करेंगी। सरकार द्वारा वर्ष 2017 के बाद से कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का ब्योरा युवाओं के सामने रखा जाएगा।
पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि पारंपरिक भाषणों या बड़े पोस्टरों की तुलना में युवा पीढ़ी सीधे संवाद और सटीक जवाबों को अधिक प्राथमिकता देती है। ग्राउंड जीरो से एकत्र किए गए इस फीडबैक के आधार पर भाजपा भविष्य में युवाओं पर केंद्रित विशेष नीतियां, चुनावी घोषणा पत्र और बड़े जनसंपर्क अभियान तैयार करेगी। चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पहली बार वोट देने वाले युवाओं और जेन-जी मतदाताओं की संख्या किसी भी दल की हार-जीत तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती है। ऐसे में चुनाव से काफी पहले शुरू की जा रही यह पहल भाजपा के लिए युवाओं के बीच एक समर्पित कैडर और स्थायी वोट बैंक का आधार मजबूत करने में मददगार साबित हो सकती है।