केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय आगामी 18 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ एक विशाल 'राष्ट्रीय सामूहिक संकल्प/शपथ' कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रत्यक्ष भागीदारी के माध्यम से देश के लगभग 10 से 12 करोड़ नागरिकों को एक साझा मंच पर जोड़कर नशा-मुक्त समाज का संदेश फैलाना है। अभियान की सफलता और व्यापक रणनीतिक क्रियान्वयन को लेकर हाल ही में मंत्रालय के संयुक्त सचिव (नशा रोकथाम) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी में एक उच्च स्तरीय समीक्षा एवं समन्वय बैठक संपन्न हुई।
इस महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतारने के लिए रेलवे, रक्षा, सीएपीएफ, आयुष, ग्रामीण विकास, एनसीसी और पुलिस सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पीएसयू तथा स्वयंसेवी व आध्यात्मिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। समाज के सभी वर्गों—विशेषकर युवाओं, अभिभावकों, कर्मचारियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को इससे जोड़ने के लिए विशेष आउटरीच रणनीति तैयार की गई है। इसके साथ ही, आम नागरिक ई-संकल्प लिंक के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन शपथ प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर सकते हैं और आधिकारिक वेबसाइट पर 'नशा मुक्ति मित्र' के रूप में स्वयंसेवक पंजीकरण करा सकते हैं।
गौरतलब है कि 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया यह अभियान अब तक जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लगभग 29.68 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है, जिसमें 11.43 करोड़ युवा और 8.05 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। इस अभियान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए एनएमबीए 2.0 मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसकी मदद से नागरिक अपने निकटतम नशा मुक्ति केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, हेल्पलाइन नंबर 14446 के जरिए पीड़ित लोगों को परामर्श और उपचार सहायता भी प्रदान की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री स्तर पर सुशासन की प्रतिबद्धता के साथ केंद्र सरकार देश में नशा-मुक्त और सामाजिक रूप से समावेशी माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उपचार, पुनर्वास, परामर्श और जन-जागरूकता के एकीकृत मॉडल के जरिए सरकार कमजोर वर्गों की सुरक्षा और स्वस्थ समाज के निर्माण को निरंतर नई दिशा दे रही है। आगामी विधानसभा चुनावों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के परिदृश्य में भी ऐसे सामाजिक सुधार और जन-कल्याणकारी कदम राज्य व देश के सुरक्षित व समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।