दिल्ली सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से जल्द ही ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ लागू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना को पहले ‘महिला समृद्धि योजना’ के नाम से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि नियमित वित्तीय सहायता मिलने से महिलाएं अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में योजना के नए नाम और पात्रता से संबंधित प्रमुख मानदंडों को मंजूरी दी गई। इस योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को दिया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा, निवास संबंधी प्रमाण और अन्य सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा, जिसके आधार पर ही योग्य आवेदकों का चयन किया जाएगा। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाना है, ताकि उन्हें अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।
दिल्ली सरकार की ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को अगस्त 2026 में रक्षाबंधन के आसपास लागू किए जाने की संभावना है। इस अवसर पर योजना की शुरुआत को महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। योजना लागू होने के बाद पात्र महिलाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आर्थिक सहायता की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।