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6 राज्यों/यूटी में बढ़ी एसआईआर की समय सीमा

चुनाव आयोग ने पुनरीक्षण कार्य को सुचारू बनाने के लिए 6 राज्यों में SIR की अंतिम तिथियां आगे बढ़ाईं।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली–दमन-दीव और उत्तर प्रदेश- में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया की समयसीमा में संशोधन किया है। राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त समय की मांग के बाद आयोग ने मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम को नए सिरे से तय किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 की मतदाता पात्रता तिथि 01 जनवरी 2026 ही रहेगी, परंतु एन्यूमरेशन (घर-घर सत्यापन) और ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन की तिथियों में बदलाव किया गया है।

नई समयसीमा के अनुसार तमिलनाडु और गुजरात में 14 से 22 दिसंबर 2025 तक एन्यूमरेशन होगा और ड्राफ्ट मतदाता सूची 19 दिसंबर तक प्रकाशित कर दी जाएगी। मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, तथा दादरा–नगर हवेली एवं दमन-दीव में घर-घर सत्यापन 18 से 22 दिसंबर तक चलेगा और ड्राफ्ट रोल 23 दिसंबर को जारी होगा। उत्तर प्रदेश में एन्यूमरेशन 26 दिसंबर को पूरा होगा और वहाँ ड्राफ्ट सूची 31 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले इन सभी राज्यों में एन्यूमरेशन और ड्राफ्ट रोल प्रकाशन की निर्धारित तिथि 16 दिसंबर 2025 थी, जिसे अब परिवर्तित कर दिया गया है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले से जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची पर इस संशोधन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि वहाँ की समयसीमाएँ पहले ही तय और लागू हैं। वहीं केरल में एन्यूमरेशन अधिकांश हिस्सों में पूरा हो चुका है, इसलिए वहाँ 18 दिसंबर 2025 को केवल ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किया जाएगा।

मतदाता पंजीकरण को और व्यापक बनाने के लिए आयोग ने कहा कि यदि कोई पात्र मतदाता अब तक सूची में अपना नाम नहीं जोड़ पाया है, तो वह Form-6 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। नागरिक चाहें तो अपने क्षेत्र के BLO को फॉर्म दे सकते हैं या फिर निर्वाचन आयोग के पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ और उसके मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने कहा कि संशोधित समयसारिणी के बाद अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग का मानना है कि इन नई तिथियों से राज्यों को अधिक समय मिलेगा और मतदाता सूची का संशोधन कार्य और अधिक सटीक व व्यवस्थित ढंग से पूरा हो सकेगा।

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