Economy

'श्रीअन्न' से किसानों की नई शुरुआत

यूपी में कम पानी में धान की जगह मक्का-ज्वार को तरजीह दे रहे किसान ; न्यूट्रीशनल और वेदर स्मार्ट तकनीकों पर बढ़ा फोकस।

स्मार्ट खेती और फसल पैटर्न में बदलाव

उत्तर प्रदेश के किसान पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर तेजी से स्मार्ट बन रहे हैं। देश में अल नीनो के प्रभाव और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों ने अपनी पारंपरिक खेती के पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। पानी की अधिक खपत वाली धान की फसल के बजाय अब किसान मक्का, ज्वार, बाजरा और अन्य मोटे अनाजों (श्रीअन्न) की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। 9 जुलाई तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, धान (39.46%) की तुलना में मक्का (42.36%) और ज्वार (47.55%) जैसी कम पानी वाली फसलों का बुआई क्षेत्र काफी तेजी से बढ़ा है, जो कृषि क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक सुधार को दर्शाता है।

श्रीअन्न से महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण उद्यमिता

सरकार की विकासात्मक पहलों के चलते श्रीअन्न अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार बन चुका है। सोनभद्र और उसके आस-पास के आदिवासी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं महुआ और मिलेट्स के जरिए रागी लड्डू, कुकीज और नमकीन जैसे पौष्टिक उत्पाद तैयार कर सफल कारोबार खड़ा कर रही हैं। प्रशासन द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बेहतर पैकेजिंग-मार्केटिंग की सुविधाओं के कारण इन महिलाओं को हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

क्लाइमेट स्मार्ट कृषि पर सरकार का विशेष फोकस

तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन, गिरते भूजल स्तर और मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को हर विपरीत परिस्थिति के लिए तैयार कर रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर उत्पादन और उत्पादकता सुनिश्चित कराना है। इसके लिए विभाग ने प्रदेश के अन्नदाताओं को न्यूट्रीशनल स्मार्ट, वाटर स्मार्ट, एनर्जी स्मार्ट, वेदर स्मार्ट, कार्बन स्मार्ट और नॉलेज स्मार्ट बनाने पर विशेष फोकस शुरू किया है, ताकि वे कम लागत और कम पानी में अधिक मुनाफा कमा सकें।

आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में कृषि का यह आधुनिक स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न्यूट्रीशन स्मार्ट इंडिया' के सपने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान' के विजन को धरातल पर उतार रहा है। सरकार की ये नीतियां न केवल पर्यावरण को बचा रही हैं, बल्कि आगामी समय में प्रदेश के ग्रामीण वोटर्स और किसानों के बीच समृद्धि का एक नया चुनावी एजेंडा भी तय कर रही हैं।

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