डेयरी परियोजनाओं की सौगात, 2029 तक नशामुक्त प्रदेश का लक्ष्य

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में 255 करोड़ के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण-भूमिपूज किया...
डेयरी परियोजनाओं की सौगात, 2029 तक नशामुक्त प्रदेश का लक्ष्य
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255 करोड़ के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से मध्य प्रदेश के डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने वर्चुअली के माध्यम से उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले आधुनिक दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन किया। इस प्लांट की प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस करने की क्षमता होगी। परियोजना के शुरू होने से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को बेहतर प्रोसेसिंग सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।

दुग्ध संघ के सदस्यों को बोनस राशि का वितरण

कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सिंगल क्लिक के माध्यम से भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े सदस्यों को बोनस राशि का वितरण किया। इस अवसर पर दुग्ध सहकारी समितियों और उनसे जुड़े उत्पादकों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया। बोनस वितरण को सहकारी ढांचे से जुड़े सदस्यों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया। दुग्ध संघों से जुड़े किसानों और पशुपालकों को नियमित खरीद व्यवस्था के साथ अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने से उनकी आय और सहकारी व्यवस्था में भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

गौशालाओं के लिए सहायता राशि जारी

सम्मेलन में प्रदेश की गौशालाओं के लिए 101 करोड़ की सहायता राशि भी जारी की गई। इस राशि का उपयोग गौशालाओं के संचालन, गौवंश के पालन-पोषण, चारा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में संचालित गौशालाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस सहायता राशि के वितरण से गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, गौवंश के संरक्षण और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2029 तक नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ अभियान को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नशे की समस्या को सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर गंभीर चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई और जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। इस लक्ष्य के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

सहकारिता और गौशाला विकास पर जोर, कई प्रमुख नेता रहे मौजूद

राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री अमितशाह के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्य सरकार, सहकारिता क्षेत्र, दुग्ध संघों और गौपालन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों की आय बढ़ाने, सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और गौशालाओं को आर्थिक सहायता देने से जुड़े कई विषयों को प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम में एक साथ कई परियोजनाओं के लोकार्पण, भूमिपूजन और आर्थिक सहायता वितरण के जरिए डेयरी एवं सहकारिता क्षेत्र पर सरकार के फोकस को रेखांकित किया गया।

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