Sports

नागोया में भारत का स्वर्णिम इतिहास

नागोया एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।

जापान के नागोया में खेले जा रहे एशियाई खेलों में 2 अक्टूबर का दिन भारतीय खेल इतिहास के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक बन गया। भारतीय एथलीटों ने अपने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक देश की झोली में डाले। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन में भारत की महिला एथलीटों का दबदबा देखने को मिला, जिन्होंने छह में से चार स्वर्ण पदक अकेले अपने नाम किए। इस शानदार सफलता के साथ ही भारत ने एशियाई खेलों के किसी एक दिन में अपने सर्वाधिक छह स्वर्ण पदक जीतने के पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, जो उसने 2022 के हांगझोउ खेलों में बनाया था।

महिला हॉकी टीम ने मैदान पर इतिहास रचते हुए गत चैंपियन चीन को बेहद कड़े मुकाबले में 1-0 से शिकस्त दी। एशियाई खेलों के इतिहास में भारतीय महिला हॉकी टीम का यह दूसरा स्वर्ण पदक है, जो उसने पूरे 44 सालों के लंबे इंतजार के बाद हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी अपना सीधा टिकट पक्का कर लिया है।

मुक्केबाजी के रिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने अपना जलवा बिखेरते हुए पहली बार एशियाई खेलों में 'गोल्डन हैट्रिक' दर्ज की। लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा, परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा और अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा वर्ग में अपने विरोधियों को मात देकर सोने के तमगे हासिल किए। मुक्केबाजों के इस शानदार प्रदर्शन के बल पर भारत ने प्रतियोगिता में कुल छह पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया।

तीरंदाजी में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने नया इतिहास गढ़ते हुए पहली बार इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक देश को दिलाया। अंकिता, कीर्ति और कुमकुम की प्रतिभावान तिकड़ी ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरियाई टीम को रोमांचक फाइनल में 5-3 से पराजित किया। इसके अलावा भारतीय रिकर्व तीरंदाजों ने दो रजत पदक भी जीते, जिससे इस एशियाई खेल में भारत के तीरंदाजी पदकों की संख्या चार स्वर्ण सहित कुल सात तक पहुंच गई।

कुश्ती के अखाड़े में हरियाणा के पहलवान सुजीत कलकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में यादगार जीत दर्ज की। ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद के खिलाफ फाइनल मुकाबले में एक समय 2-9 से पिछड़ने के बावजूद सुजीत ने अद्भुत वापसी करते हुए 10-9 से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। योगेश्वर दत्त (2014) और बजरंग पूनिया (2018) के बाद इस भार वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाले सुजीत तीसरे भारतीय पहलवान बने हैं।

19 सितंबर से शुरू हुए इन खेलों में 3 अक्टूबर तक भारत कुल 83 पदक (20 स्वर्ण, 26 रजत और 37 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में 5वें स्थान पर मजबूत बना हुआ है। खेलों के अंतिम दिन भारत की नज़र इस ऐतिहासिक पदक तालिका को और भव्य बनाने पर होगी।

डेयरी परियोजनाओं की सौगात, 2029 तक नशामुक्त प्रदेश का लक्ष्य

Tummidihetti Barrage Row: Telangana Seeks Centres’ Intervention

Kerala Seeks Fresh Safety Review of Mullaperiyar Dam

मानसून 2026: एक हाथ से सुखाया तो दुसरे हाथ से भिगोया

TVK & DMK’s Slogan War in Tamil Nadu