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वित्त मंत्री से केरल ने मांगा 24 हजार करोड़ का विशेष पैकेज

दरअसल फरवरी में पेश हुए बजट (Budget 2024) में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कोई बड़ा ऐलान नहीं किया था। लेकिन इस बार हर वर्ग को उम्मीदें हैं।

केरल के वित्त मंत्री (Finance Minister) के एन बालगोपाल (K N Balagopal) की ओर से कहा गया है कि केंद्र सरकार  (Central government) की तरफ से उधारी जुटाने पर लगाई पाबंदियों की वजह से केरल को 4,710 करोड़ रुपये का नुकसान होने की संभावना है। इन 2 सालों के लिए तय की जा रही उधारी सीमा के अलावा 4,710 करोड़ रुपये उधार लेने की अनुमति दी जा सकती है।

केंद्रीय वित्त मंत्री से शिष्टाचार की भेंट की थी: केएन बालगोपाल

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण्ण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) से मुलाकात करने के बाद केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल (Finance Minister K N Balagopal) ने मीडिया को बताया कि,- लोकसभा चुनाव के बाद सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के वित्त मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह एक शिष्टाचार बैठक थी।

वित्तीय संकट से जूझ रहा है केरल

उन्होंने आगे कहा कि केरल का राजकोषीय मजबूती के मामले में बहुत अच्छा रिकॉर्ड रहा है। इस समय केरल राज्य वित्तीय संकटों से जूझ रहा है। उसने मौजूदा नकदी संकट से निपटने के लिए 2024-25 के केंद्रीय बजट में कम-से-कम 24,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिए जाने की मांग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण्ण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) के सामने रखी है। इस पैकेज को 2024-25 से दो साल की अवधि में पूरा किया जाना है।

केरल के अलावा छग, तमिलनाडु, हरियाणा और ओडिशा

इससे पहले छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के कई राज्यों ने विकास के लिए केंद्र सरकार (Central government) से आर्थिक सहायता की मांग की थी। इसमें तमिलनाडु, हरियाणा और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों ने परियोजना-विशिष्ट समर्थन की मांग की थी। जबकि केरल ने नकदी संकट से निपटने के लिए 24,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज (special package) की मांग की है।

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