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'एक देश एक वाहन' नीति: 3 साल तक आरसी से राहत

केंद्र सरकार के इस नए प्रस्ताव से बार-बार ट्रांसफर होने वाले नौकरीपेशा लोगों को आरटीओ के चक्करों से बड़ी राहत मिलेगी।

सुशासन और नागरिकों को बड़ी राहत

केंद्र सरकार देश में सुलभ जीवन  को बढ़ावा देने के लिए ‘एक देश एक वाहन’ नियम की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपने निजी वाहन को किसी दूसरे राज्य में ले जाता है, तो उसे 3 वर्षों तक नया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) लेने या दोबारा रोड टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार का यह नीतिगत फैसला आम जनता को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से बचाएगा।

मौजूदा व्यवस्था में सुधार

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 के तहत यह समयसीमा अभी केवल 1 वर्ष की है। इस अवधि के बाद वाहन मालिकों को स्थानीय आरटीओ के चक्कर काटने पड़ते थे और टैक्स दोबारा चुकाना पड़ता था। सरकार अब इस नियम को बदलकर पूरी प्रक्रिया को जनता के लिए बेहद सरल और पारदर्शी बनाने जा रही है।

कामकाजी वर्ग और राष्ट्र रक्षकों के हित में फैसला

इस सुधार का सबसे बड़ा लाभ देश के मध्यम वर्ग और कामकाजी आबादी को मिलेगा। आईटी और बैंकिंग जैसे निजी क्षेत्रों के कर्मचारियों के साथ-साथ रक्षा बल, अर्धसैनिक बल, केंद्रीय विद्यालय के शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों का अक्सर 2 से 3 साल के लिए ट्रांसफर होता है। केंद्र सरकार की इस पहल से इन सभी प्रवासियों और छात्रों को एक से दूसरे राज्य जाने पर अब कोई प्रशासनिक या आर्थिक परेशानी नहीं झेलनी होगी।

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