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वर्ल्ड फूड इंडिया 2025

25 से 28 सितंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा आयोजन; 90 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद। भारत को वैश्विक खाद्य नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में एक और कदम।

नई दिल्ली स्थित होटल 'द ललित' में आज केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' के चौथे संस्करण का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने इवेंट का प्रचार ब्रोशर, आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया। मुख्य आयोजन आगामी 25 से 28 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रस्तावित है, जिसे अब तक का सबसे भव्य संस्करण माना जा रहा है।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने वर्ल्ड फूड इंडिया को केवल एक व्यापारिक आयोजन न मानते हुए इसे भारत के खाद्य क्षेत्र में वैश्विक नवाचार, निवेश और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश टिकाऊ, समावेशी और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने वाली खाद्य प्रणाली विकसित करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस बार के आयोजन में 90 से अधिक देशों की भागीदारी, 2,000 से ज्यादा प्रदर्शक और हजारों प्रतिनिधियों की उपस्थिति की संभावना है, जो भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त बनाएगा।

भारत ने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है, विशेष रूप से दूध, मोटे अनाज और दालों के क्षेत्र में इसका योगदान वैश्विक स्तर पर सराहनीय है। सचिव श्री अविनाश जोशी के अनुसार, वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 के दौरान नवीनतम तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे, और वैश्विक खरीदारों व आपूर्तिकर्ताओं को संवाद और साझेदारी के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान किया जाएगा।

मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत एक विस्तृत प्रेजेंटेशन में कार्यक्रम की प्रमुख थीमों और लक्ष्यों को रेखांकित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का प्रचार ब्रोशर जारी किया गया, वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च की गई और एक आधिकारिक प्रचार वीडियो का अनावरण किया गया, जिसमें भारत की कृषि-प्रसंस्करण उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाया गया है।

वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का यह कर्टेन रेज़र कार्यक्रम भारत की खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास की व्यापक दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत और भारत@2047 जैसे राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है, और इसका उद्देश्य देश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, तकनीकी अपनापन बढ़ाना और समावेशी मूल्य शृंखलाओं का निर्माण करना है। इस कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, विदेशी दूतावासों और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित व्यापक भागीदारी देखी गई। आयोजन में फिक्की को राष्ट्रीय आयोजन साझेदार तथा अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी को नॉलेज पार्टनर नियुक्त किया गया है, जो मंत्रालय को इस महत्त्वपूर्ण आयोजन के सफल संचालन में सहयोग प्रदान करेंगे।

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