विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और आर्थिक प्रगति
उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्य में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य विभागीय औपचारिकताओं को समय पर पूरा कर सभी परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सड़कों का यह आधुनिक नेटवर्क उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को रफ्तार देगा और राज्य में उद्योग, कृषि, पर्यटन व रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
नए एक्सप्रेसवे और फोरलेन कनेक्टिविटी का विस्तार
प्रदेश के भीतर संपर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़ी ढांचागत परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले लगभग 742 किलोमीटर लंबे शामली-गोरखपुर फोरलेन एक्सप्रेसवे की समीक्षा की गई, जो सामरिक और औद्योगिक दृष्टि से गेमचेंजर साबित होगा। इसके साथ ही राजधानी लखनऊ से अब तक पूर्ण फोरलेन से वंचित शहरों को जोड़ा जाएगा और 33 जिला मुख्यालयों के बीच के मार्गों को फोरलेन में अपग्रेड किया जाएगा। अयोध्या-गोंडा और रीवा-रांची फोरलेन राजमार्गों के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय गलियारों को मजबूती
बैठक में धार्मिक और क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई विशेष कॉरिडोर पर सहमति बनी। प्रयागराज में नैनी पुल के समानांतर नया पुल बनेगा, जबकि सोनौली-गोरखपुर, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राजमार्ग और प्रयागराज सदर्न रिंग रोड जैसी परियोजनाओं से भारत-नेपाल सीमा और बिहार के साथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी। अयोध्या रिंग रोड के निर्माण से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक आवागमन बिल्कुल निर्बाध हो जाएगा। इसके अलावा 13,980 करोड़ रुपये की मथुरा-बरेली-सितारगंज परियोजना, आगरा-अलीगढ़ फोरलेन और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली छह लेन जैसी बड़ी परियोजनाएं भी समय सीमा के भीतर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।