उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चार (पीएमजीएसवाई-4) के तहत प्रदेश के असेवित और आकांक्षी विकास खंडों के 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू कर दिया है। जिलों से ऐसे गांवों की सूची मांगी जा रही है, जिसके आधार पर केंद्र सरकार को वित्तीय मदद के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाकर इन सड़कों के निर्माण का मानक तय किया गया है। योजना के अंतर्गत आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में न केवल 250 की आबादी वाले गांवों को जोड़ा जाएगा, बल्कि 500 या उससे अधिक आबादी वाली बसावटों के 500 मीटर या उससे लंबे कच्चे रास्तों को भी पक्की सड़कों में बदला जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण इलाकों तक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाना है।
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बड़े पैमाने पर सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। वर्तमान में राज्य में कुल 25,369 किलोमीटर से अधिक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इससे पहले पीएमजीएसवाई-3 के तहत आधुनिक 'फुल डेप्थ रिक्लमेशन' तकनीक का उपयोग करते हुए 5,992.51 करोड़ रुपये की लागत से 5,820 किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं, जिनमें से 5,160 किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अब सरकार पीएमजीएसवाई-4 के जरिए इस कनेक्टिविटी को और विस्तार देने में जुट गई है।