भारत की गौरवशाली पारंपरिक शिल्पकला को नई पहचान देने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली हाट, आईएनए में 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा हाट 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 18 से 31 जनवरी तक चलने वाली यह प्रदर्शनी न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन करेगी, बल्कि यह 'विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण' के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा, जिससे देश के हस्तशिल्प क्षेत्र को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए एक विशाल विपणन मंच के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां देश के कोने-कोने से आए 117 से अधिक कारीगर अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका अखिल भारतीय स्वरूप है, जिसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विविध कलाकृतियों को एक ही छत के नीचे देखा जा सकेगा। हाट का मुख्य लक्ष्य इन स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ जोड़ना है, ताकि उनके लिए स्थायी आजीविका के नए अवसर खुल सकें और भारतीय हस्तशिल्प की पहुंच वैश्विक बाजारों तक सुनिश्चित हो सके।
दो सप्ताह तक चलने वाले इस उत्सव में आगंतुकों को न केवल अद्भुत उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे शिल्पकारों को प्रत्यक्ष रूप से अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए भी देख सकेंगे। प्रदर्शनी में विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सुबह 10:30 से रात 10:00 बजे तक चलने वाला यह हाट आधुनिक भारत के निर्माण में हमारे पारंपरिक विश्वकर्माओं की भूमिका को रेखांकित करता है और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के तंत्र को और अधिक समावेशी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।