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नरेंद्र नारायण यादव बने प्रोटेम स्पीकर

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और आलम नगर से 8 बार के विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने बिहार विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली।

जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के वरिष्ठ विधायक, श्री नरेंद्र नारायण यादव, ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। उन्हें बिहार विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खां जी ने राजभवन में आयोजित एक सादे और गरिमामय समारोह में श्री नरेंद्र नारायण यादव को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

74 वर्षीय श्री यादव अपनी ईमानदारी और लंबी राजनीतिक पारी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1967 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और जेपी आंदोलन में भी सक्रिय रहे। वह 1995 से लगातार आलमनगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं, जिसने उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में मजबूत पकड़ को प्रमाणित किया है। उनका यह आठवां कार्यकाल है। उनकी शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएट है, और उन पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है (केसों की संख्या: 0), जो उनकी स्वच्छ छवि को दर्शाता है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और पसंदीदा नेताओं में शुमार किए जाने वाले श्री नरेंद्र नारायण यादव को अक्सर 'प्रोब्लम शूटर' के रूप में जाना जाता है। उनका यह पद पर आना विधानसभा में सुचारु और अनुभवी नेतृत्व सुनिश्चित करेगा, विशेष रूप से नए विधायकों को शपथ दिलाने और स्थायी स्पीकर के चुनाव तक सदन की कार्यवाही संचालित करने के लिए।

अपने करियर के दौरान, उन्होंने ग्रामीण कार्य मंत्री (2005) और राजस्व एवं भूमि सुधार तथा विधि विभाग के मंत्री (2010-2014) सहित कई महत्वपूर्ण मंत्री पद संभाले हैं। उनके परिवार में भी सफलता का सिलसिला जारी है; उनकी बेटी मौसम कुमारी ने अक्टूबर 2023 में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है।

श्री यादव का लंबा अनुभव (1968 में शुरू), जिसमें उनका 7 बार लगातार विधायक बने रहना और राज्य के महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व करना शामिल है, उन्हें इस क्षणभंगुर, लेकिन महत्वपूर्ण, जिम्मेदारी के लिए एक आदर्श उम्मीदवार बनाता है। आलम नगर विधानसभा सीट पर रिकॉर्ड 69.82% वोटिंग हुई थी, जहां उन्हें 55,465 वोटों से शानदार जीत मिली थी, जो क्षेत्र में उनके जनाधार को रेखांकित करता है।

प्रोटेम स्पीकर के रूप में, श्री यादव का प्राथमिक कार्य नए विधायकों को शपथ दिलाना और सदन को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए तैयार करना होगा। उनकी नियुक्ति को अनुभव, निष्ठा और साफ-सुथरी राजनीति के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

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