उत्तर प्रदेश के बुनियादी और माध्यमिक शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ बनाने तथा देश का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक सामाजिक सुरक्षा चक्र की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र धार्मिक नगरी काशी से एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, वार्डेन और रसोइयों के लिए भारी-भरकम दुर्घटना बीमा केंट और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का आधिकारिक तौर पर सूत्रपात किया है। इस अभूतपूर्व जनकल्याणकारी नीति को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के शिक्षा विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक विशेष समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अनूठी पहल को लागू कर उत्तर प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जो अपने शिक्षा कर्मियों को इतनी व्यापक और सुदृढ़ आर्थिक सुरक्षा की गारंटी प्रदान कर रहा है, जिससे किसी भी विपरीत परिस्थिति या अप्रत्याशित हादसे में पीड़ित परिवार पूरी तरह से सुरक्षित और स्वावलंबी रह सके।
इस विस्तृत नीतिगत समझौते के अंतर्गत शिक्षा विभाग के स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए दस लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, एक करोड़ रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर तथा एक करोड़ रुपए का स्थायी दिव्यांगता सुरक्षा कवर प्रदान किया रहा है। इसके साथ ही, हवाई यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी अनहोनी की स्थिति में एक करोड़ साठ लाख रुपए तक का अतिरिक्त एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर भी देय होगा। संविदा पर कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जिनका मासिक पारिश्रमिक दस हजार रुपए से अधिक है, उन्हें तीस लाख रुपए से लेकर अस्सी लाख रुपए तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुरक्षा घेरा दिया जाएगा, जिसके तहत आंशिक अक्षमता की स्थिति में पंद्रह लाख और पूर्ण अपंगता पर तीस लाख रुपए की तत्काल वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दस हजार रुपए से कम वेतन पाने वाले मानदेय कर्मियों को शून्य बैलेंस बैंक खाता, एटीएम कार्ड की सुविधा तथा दो लाख रुपए का सुदृढ़ दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े रसोइयों और कर्मियों को भी मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
शिक्षकों और संविदा कर्मियों के जीवन को स्थिरता देने के साथ-साथ यह योजना उनके आश्रितों के भविष्य को भी संवारने का कार्य करेगी, जिसके तहत किसी भी अनहोनी की स्थिति में बच्चों की उच्च शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए भी विशेष आर्थिक सहायता का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि इस संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा तंत्र के समानांतर 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' को भी प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। इसके माध्यम से सभी लाभार्थी शिक्षक और कर्मचारी राज्य सरकार से जुड़े नेटवर्क के चिन्हित सरकारी और निजी चिकित्सालयों में बिना किसी नकद भुगतान के पांच लाख रुपए तक का गुणवत्तापूर्ण इलाज पूरी सुगमता से करा सकेंगे। इस संपूर्ण स्वास्थ्य ढांचे के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार अपने राजकोष से प्रतिवर्ष करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपए का भारी-भरकम वित्तीय वहन स्वयं करेगी और इसके बदले में लाभार्थियों से किसी भी प्रकार का कोई अंशदान नहीं लिया जाएगा।
इस 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से मिलने वाले उपचार की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को सबसे पहले योजना के स्वीकृत नेटवर्क से जुड़े किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल का चयन करना होता है, जिसकी विस्तृत सूची बीमा कार्ड, आधिकारिक वेबसाइट अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। अस्पताल पहुंचने पर मरीज को सीधे एडमिशन डेस्क पर सूचित करना होता है कि वे इस योजना के तहत कैशलेस उपचार चाहते हैं, जिसके लिए बीमा कार्ड (यूपी हेल्थकार्ड), आधार कार्ड या कोई वैध पहचान पत्र और यदि उपलब्ध हो तो डॉक्टर का मूल पर्चा दिखाना अनिवार्य होता है। इसके उपरांत अस्पताल प्रशासन मरीज की बीमारी और इलाज के अनुमानित खर्च का पूरा ब्योरा तैयार करके बीमा कंपनी या टीपीए को प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध भेजता है, जबकि किसी भी गंभीर आपातकालीन स्थिति में बिना किसी औपचारिकता के इलाज तुरंत शुरू कर यह अनुमति बाद में भी ली जा सकती है। बीमा कंपनी से प्राधिकार मिलते ही उपचार की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ती है और कवर की गई सभी चिकित्सा सेवाओं का भुगतान सीधे सरकार व बीमा माध्यम से अस्पताल को कर दिया जाता है, जिससे अंत में डिस्चार्ज के समय लाभार्थी को केवल वही आंशिक खर्च देना होता है जो इस नीति के तहत कवर नहीं होता और मुख्य बिल का अंतिम सेटलमेंट अस्पताल तथा सरकार के बीच स्वतः संपन्न हो जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुदृढ़ व पारदर्शी सुशासन के इस साझा मॉडल से जनता में भारी उत्साह है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की जनता विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के इस नए सफर को जारी रखने के लिए वर्तमान सरकार को अपना ऐतिहासिक व पूर्ण समर्थन देने जा रही है।