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31 अक्टूबर से राष्ट्रव्यापी ‘विकसित भारत पदयात्रा’ की शुरुआत

सरदार पटेल की जयंती पर राष्ट्रव्यापी ‘विकसित भारत पदयात्रा’ , देशभर में युवा जगाएंगे राष्ट्रनिर्माण की भावना।

केंद्र सरकार युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने और एकता का संदेश फैलाने के लिए “विकसित भारत पदयात्रा” शुरू कर रही है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण” के विजन से प्रेरित है और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है।

इस पदयात्रा का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय गौरव, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना जगाना है। यह अभियान “अमृत पीढ़ी” यानी आज के युवाओं को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आदर्शों को अपनाने और सरदार पटेल की एकता की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।

चरण I: पदयात्रा-पूर्व गतिविधियां

31 अक्टूबर से पहले देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक, योग शिविर, स्वदेशी मेले और स्वच्छता अभियान आयोजित किए जायेंगे। युवाओं को नशामुक्त भारत और स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी। इन आयोजनों के माध्यम से जनसहभागिता और सामाजिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।

चरण II: जिला स्तरीय पदयात्राएं (31 अक्टूबर – 25 नवंबर, 2025)

अभियान का पहला चरण ज़िला-स्तरीय पदयात्राओं के रूप में होगा, जो 31 अक्टूबर से 25 नवंबर, 2025 तक आयोजित की जाएगी। ये यात्राएं प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में तीन दिनों तक चलेंगी और देशभर के सभी ज़िलों में प्रतिदिन 8-10 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।

राज्य के कैबिनेट मंत्री, सांसद और प्रशासनिक अधिकारी इन यात्राओं का नेतृत्व करेंगे। ये यात्राएं सड़कों पर “लघु भारत” का दृश्य प्रस्तुत करेंगी, जहां स्थानीय परम्पराएं, संस्कृति और भाषाई विविधता एकता के रंग में रंगी दिखाई देंगी।

इन पदयात्राओं से पहले स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान, सरदार पटेल के जीवन पर व्याख्यान, और एकता पर युवा परिचर्चाएं होंगी। “माय भारत”, एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवक इन गतिविधियों में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। सेवानिवृत्त अधिकारी, खिलाड़ी और विद्वान भी इस पहल में शामिल होंगे। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागी सरदार पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि देंगे और “एक भारत, आत्मनिर्भर भारत” की शपथ लेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जायेंगे। मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित जन-जागरूकता स्टॉल भी लगाए जायेंगे।

चरण III: राष्ट्रीय स्तर की पदयात्रा (26 नवंबर – 6 दिसंबर, 2025)

राष्ट्रीय स्तर की पदयात्रा 26 नवंबर, संविधान दिवस से आरंभ होकर 6 दिसंबर को समाप्त होगी। यह ऐतिहासिक यात्रा सरदार पटेल की जन्मस्थली करमसद से शुरू होकर 152 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सम्पन्न होगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इस पदयात्रा में शामिल होंगे। यात्रा के दौरान मार्ग के प्रत्येक गांव में सामाजिक विकास गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें माय भारत, एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवक और युवा नेता सक्रिय भागीदारी करेंगे।

“सरदार@150 युवा नेता कार्यक्रम” के तहत चयनित 150 उत्कृष्ट युवा नेता, जो प्रश्नोत्तरी के माध्यम से चुने गए हैं, राष्ट्रनिर्माण में युवा नेतृत्व का प्रतीक बनकर इस यात्रा में केंद्रीय मंत्री के साथ चलेंगे।

हर दिन के अंत में “सरदार गाथा” सत्र आयोजित होंगे, जिनमें विद्वान सरदार पटेल के जीवन की प्रेरक घटनाएं और भारत के एकीकरण में उनकी भूमिका पर चर्चा करेंगे।

“विकसित भारत पदयात्रा” न सिर्फ एक आयोजन है, बल्कि एक जनआंदोलन है जो युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ता है। सरदार पटेल की प्रेरणा से संचालित यह यात्रा भारत के युवाओं में एकता, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का संदेश लेकर आएगी — एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम।

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