

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है । जहां पिछले साल iQOO 13 करीब ₹55,000 में लॉन्च हुआ था, वहीं इस बार iQOO 15 का प्राइस ₹73,000 तक पहुंच गया है । यही हाल Realme GT सीरीज का भी है, जो ₹60,000 से बढ़कर ₹73,000 पर पहुंच गई है ।
मुख्य कारण: RAM और स्टोरेज चिप्स की कमी
स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों की मुख्य वजह RAM और स्टोरेज चिप्स की कमी है। पिछले 18 महीनों में DDR5 रैम के दाम करीब तीन गुना बढ़ गए हैं । मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली LPDDR रैम की कीमतें भी पिछले एक महीने में 15-20% बढ़ चुकी हैं और इस तिमाही के अंत तक 10% और बढ़ने की संभावना है । Samsung ने सितंबर की तुलना में अक्टूबर में अपनी NAND स्टोरेज की कीमतें 60% तक बढ़ा दी हैं ।
AI क्रांति का असर
इस कमी का मुख्य कारण AI की बढ़ती मांग है। दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां जैसे NVIDIA, Meta और Microsoft अपने डेटा सेंटर्स के लिए अरबों रुपए खर्च कर रही हैं। Samsung, SK Hynix और Micron जैसी बड़ी कंपनियां अब स्मार्टफोन चिप्स के बजाय AI चिप्स बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। अनुमान के मुताबिक, जहाँ एक स्मार्टफोन चिप पर 10 रुपये की कमाई होती है, वहीं एआई (AI) चिप से होने वाली आय 50 रुपये तक है।
NVIDIA अपने AI सर्वर्स में पारंपरिक स्टोरेज की जगह मोबाइल फोन वाली LPDDR रैम का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे स्मार्टफोन कंपनियों के लिए चिप्स की उपलब्धता और कम हो गई है ।
प्रोसेसर की कीमतों में भी उछाल
दुनिया के 92% हाई-एंड प्रोसेसर बनाने वाली कंपनी TSMC ने 2026 के लिए कीमतों में 5-10% बढ़ोतरी की घोषणा की है। Qualcomm की Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट की कीमत $280 हो गई है, जो पिछले साल से 25% ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 में वैल्यू फॉर मनी फोन मिलना मुश्किल होगा । OnePlus 15 का बेस वेरिएंट ₹72,999 में आया है, जबकि OnePlus 13 का ₹65,999 था । Counterpoint Research के अनुसार, 2026 में स्मार्टफोन की औसत कीमतें 6.9% बढ़ने की उम्मीद है ।