

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये की राशि जारी की। राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, ताकि वे दैनिक खर्च, घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बन सकें। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ परिवार के वित्तीय निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के साथ राज्य सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में प्रदान की। नियमित 1,500 रुपये की किस्त में यह राशि जुड़ने के बाद महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1,750 रुपये पहुंचे। मुख्यमंत्री ने योजना के अंतर्गत करीब 2,148 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थी महिलाओं के खातों में सीधे ट्रांसफर की। रक्षाबंधन के अवसर पर दी गई इस अतिरिक्त आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को त्योहार से जुड़े खर्चों में सहयोग प्रदान करना है। राज्य सरकार ने इस पहल को महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के अपने प्रयासों का हिस्सा बताया है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई। इस व्यवस्था के तहत सहायता राशि सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंचती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनी रहती है। 39वीं किस्त के रूप में 1,500 रुपये की नियमित सहायता और रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपये की अतिरिक्त शगुन राशि मिलाकर कुल 1,750 रुपये महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए गए। रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार के समय दी गई 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता से महिलाओं को त्योहार से जुड़े छोटे-बड़े खर्चों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिलेगा। नियमित किस्त के साथ अतिरिक्त शगुन राशि जारी कर राज्य सरकार ने महिला कल्याण, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर अपने फोकस को दोहराया है।