

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच योगी सरकार ने नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। राज्य सुरक्षा मुख्यालय द्वारा तैयार की गई नई सुरक्षा रणनीति के तहत प्रदेश के 52 प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों को बुलेट प्रूफ जैकेट मुहैया कराई गई है। इस सूची में सत्ता पक्ष के 11 कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्री—समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती शामिल हैं। यह राज्य के इतिहास में पहली बार है जब नेताओं को व्यक्तिगत सुरक्षा घेरे में बुलेट प्रूफ जैकेट औपचारिक रूप से दी गई है।
बुलेट प्रूफ जैकेट पाने वाले प्रमुख चेहरों में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, अपर्णा बिष्ट यादव, पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण चौधरी, बेबी रानी मौर्य, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद, सुरेश कुमार खन्ना, दयाशंकर सिंह और बलदेव सिंह औलख शामिल हैं।
सुरक्षा मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला खुफिया इनपुट और चुनावी रैलियों में भीड़भाड़ को देखते हुए एहतियातन लिया गया है। पहले चरण में 8 नेताओं को जैकेट आवंटित की गई थी, जिसके बाद दूसरे चरण में 44 अन्य नेताओं को यह सुरक्षा कवच दिया गया। एक बुलेट प्रूफ जैकेट की कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये है। इस व्यवस्था पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि उन्हें अभी तक यह जैकेट पहनना नहीं सिखाया गया है और न ही इसे इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण मिला है।
उत्तर प्रदेश में कुल 98 नेताओं को विभिन्न श्रेणियों की सुरक्षा मिली हुई है। इनमें 12 नेताओं को सर्वोच्च Z-प्लस सुरक्षा दी गई है, जबकि बाकी नेताओं को Z, Y-प्लस और Y श्रेणी की सुरक्षा मिली है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों को अपडेट कर जैकेट को अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है ताकि सुरक्षा चक्र को और मजबूत किया जा सके।