

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल तेज हो गई है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने चुनाव से ठीक पहले राज्यव्यापी 'परिवर्तन रथ यात्रा' शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान की योजना मार्च महीने के लिए बनाई गई है, जिसकी शुरुआत होली के पर्व के तुरंत बाद होने की उम्मीद है। यह यात्राएं राज्य के 5 विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से एक साथ निकाली जाएंगी, जिनका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच जाकर मौजूदा शासन व्यवस्था और प्रशासनिक नीतियों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना है। हालांकि यात्राओं के शुरू होने की सटीक तारीखों पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है, लेकिन पार्टी द्वारा 4 मार्च के आसपास इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।
इन रथ यात्राओं का समापन राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में एक विशाल मेगा रैली के साथ होगा। इस भव्य आयोजन की महत्ता इस बात से समझी जा सकती है कि इसे स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करने वाले हैं। भाजपा की रणनीति के अनुसार, पाँचों दिशाओं से निकलने वाली ये यात्राएं जनसंपर्क को सुदृढ़ करते हुए अंततः कोलकाता पहुंचेंगी, जहां प्रधानमंत्री की रैली के माध्यम से चुनावी अभियान को और गति दी जाएगी। वर्तमान में पार्टी कार्यकर्ता इस विशाल रैली और यात्राओं के मार्गों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं ताकि राज्य के कोने-कोने तक अपना संदेश पहुंचाया जा सके।
इस पूरे अभियान का केंद्र बिंदु लोगों को जागरूक करना और उन्हें प्रस्तावित विकास कार्यों एवं प्रशासनिक सुधारों के बारे में जानकारी देना है। पार्टी की इस पहल को चुनावी तैयारियों के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें जन-संवाद के जरिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की जाएगी। ब्रिगेड परेड मैदान की रैली के लिए तारीखों का चयन सावधानीपूर्वक किया जा रहा है ताकि प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होने वाले इस कार्यक्रम का अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हो सके। आने वाले दिनों में इन यात्राओं के औपचारिक कार्यक्रम घोषित होते ही बंगाल की राजनीति में सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।