

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सांगठनिक और चुनावी तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लड़ने की अनूठी रणनीति बना रही है। जिस प्रकार प्रधानी के चुनाव में गांव के एक-एक वोटर पर सीधा फोकस किया जाता है, ठीक उसी प्रकार भाजपा जिला, मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट प्लान लागू कर रही है। इस रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां पूरे प्रदेश का सघन दौरा कर रहे हैं, वहीं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह अलग-अलग क्षेत्रों में प्रवास कर कार्यकर्ताओं को पूरी तरह चुनावी मोड में ला रहे हैं।
इस महाअभियान के तहत भाजपा ने बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत आगामी 19 जुलाई से 22 जुलाई के बीच राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में इन सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से 22 जुलाई को प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में व्यापक स्तर पर भव्य बूथ सम्मेलन आयोजित होंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर बूथ इकाइयों को रिचार्ज करना और नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। इस सम्मेलन के लिए प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल को संयोजक तथा प्रदेश मंत्री शिव भूषण सिंह व राहुल वाल्मीकि को सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी का मुख्य भरोसा अपने उस ढाई करोड़ से अधिक सदस्यों की विशाल फौज पर है, जिन्होंने हालिया सदस्यता अभियान के दौरान भाजपा की सदस्यता ली थी। संगठन का मानना है कि यदि इन सदस्यों को उनके परिवारों सहित पोलिंग बूथ तक पहुंचाने में सफलता मिली, तो परिणाम हर हाल में पार्टी के अनुकूल होंगे।
भाजपा अपने इस सांगठनिक ढांचे को धरातल पर उतारने के लिए बहुत जल्द जिला स्तर के पदाधिकारियों की एक बड़ी टीम को मैदान में उतारने वाली है। इस योजना के तहत जिले के इन समर्पित नेताओं को प्रदेश के सभी 1,918 मंडलों में पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा। इसके बाद, मंडल स्तर के पदाधिकारी 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों का दौरा करेंगे और वहां से शक्ति केंद्रों की टीम सीधे हर एक पोलिंग बूथ तक अपनी पहुंच बनाएगी। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर पकड़ और मजबूत करने के लिए पार्टी अपने पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक विशेष सूची भी तैयार कर रही है।
रणनीति के तहत भाजपा उन सीटों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां पिछले चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था या फिर जीत का अंतर 10 हजार वोटों से कम था। ऐसी सीटों पर बेहद अनुभवी प्रभारियों की नियुक्ति की जा रही है। इसके साथ ही, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद बदले हुए मतदाता आंकड़ों के आधार पर बूथों की नई मैपिंग की जाएगी। जिन क्षेत्रों में 80 से अधिक बूथ होंगे, वहां नए मंडल गठित किए जाएंगे। पार्टी अपने पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने के लिए एक विशेष संपर्क अभियान भी चलाएगी ताकि उनके अनुभवों का लाभ उठाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय 'मन की बात' कार्यक्रम और सेक्टर संयोजकों की नियमित बैठकों के जरिए संगठन को हर स्तर पर अभेद्य बनाने का काम शुरू हो चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त विज़न और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ नेतृत्व में भाजपा का यह संगठन उत्तर प्रदेश की प्रगति और सुशासन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का यह मजबूत ढांचा उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश और विकास पथ पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्यरत है।