

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के नतीजे बेहद रणनीतिक संदेश लेकर आए हैं। 30 अगस्त 2026 को हुए इस चुनाव में ABVP के उम्मीदवार अंकित बिढान (जींद, हरियाणा) 3,149 वोट हासिल करके छात्र संघ के नए प्रधान चुने गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन ASAP के उम्मीदवार आदिल बराड़ (2,637 वोट) को पराजित किया। चुनाव से ठीक पहले SOI के उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद संगठन ने गुरुद्वारा साहिब में हाथ मिलाकर ABVP को बिना शर्त समर्थन दिया था, जिसने विरोधियों के समीकरण बिगाड़ दिए। जीत के बाद नवनिर्वाचित प्रधान अंकित ने AAP का चुनाव चिन्ह 'झाड़ू' तोड़कर जश्न मनाया और इसे 'जेन-जी की जीत' बताया। नतीजों के बाद DAV कॉलेज में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया।
चुनाव परिणाम में चारों प्रमुख पदों के आधिकारिक आंकड़े निम्न प्रकार से रहे:
प्रधान: ABVP के अंकित 3,149 वोटों के साथ विजेता रहे। ASAP के आदिल बराड़ 2,637 वोटों के साथ दूसरे, NSUI के गुरमन सिंह सिद्धू 2,263 वोटों के साथ तीसरे और SATH के दर्शप्रीत सिंह 1,387 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। इस पद पर NOTA को 174 वोट मिले।
महासचिव: निर्दलीय उम्मीदवार ध्यान सिंह ने 4,045 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। NSUI के आर्यन सहारन 3,678 वोट पाकर दूसरे और मुस्कान चौहान 1,286 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। NOTA को कुल 581 वोट मिले।
उपाध्यक्ष: अरमान सिंह भिंडर 3,322 वोट लेकर विजयी बने। इसके अलावा आकांक्षा ठाकुर को 2,818, विपुल भादू को 1,284, मनमीत कौर को 1,053 और अरमान सिंह को 652 वोट प्राप्त हुए। NOTA के खाते में 465 वोट दर्ज हुए।
संयुक्त सचिव : विशाल बामल 3,506 वोट हासिल करके विजयी घोषित हुए। अन्य प्रत्याशियों में देवराज सिंह नैन को 2,338, राम चंदर सिंह को 1,650 और अमीन कौर को 1,141 वोट मिले। इस पद पर NOTA को 938 वोट मिले।
अकाली-भाजपा गठबंधन की इस ऐतिहासिक जीत को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ राज्य के युवा मतदाताओं का एक बेहद रणनीतिक और बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।