

भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के दो प्रमुख राज्यों, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर ली है। दोनों ही राज्यों में आगामी 1 जून 2026 को चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके बाद प्रत्याशी 8 जून तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जिनकी जांच 9 जून को की जाएगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 11 जून तय की गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि 18 जून 2026 को ही इन सीटों के लिए सुबह से वोट डाले जाएंगे और इसी दिन शाम तक मतगणना पूरी करके नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को हर हाल में 20 जून तक संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार की कुल 10 सीटों पर मुकाबला होना है, जिसमें से 9 सीटें सामान्य रूप से खाली हो रही हैं जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सीट समेत 1 सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। इन सीटों में से वर्तमान में सबसे ज्यादा 4 सीटों पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) और 2 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कब्जा है।
बिहार में एमएलसी डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारूख, भीषम साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है।
दूसरी तरफ, कर्नाटक में विधान परिषद की उन 7 सीटों को भरने के लिए मतदान होगा जिनका कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त होने जा रहा है। कर्नाटक में सेवानिवृत्त होने वाले प्रमुख दिग्गजों में गोविंद राजू, नज़ीर अहमद, एन. नागराजू, प्रताप सिंहा नायक के, तिप्पन्नप्पा, सुनील वल्यापुर और बी.के. हरिप्रसाद जैसे बड़े नाम शामिल हैं। विधायकों द्वारा चुने जाने वाले इन सदस्यों का यह चुनाव दोनों राज्यों के राजनीतिक समीकरणों और ऊपरी सदन में पार्टियों की मजबूती के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।