

बिहार सरकार ने राज्य में स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत पिंक हेलमेट पहने स्कूटी सवार 'पुलिस दीदियां' अब नए अवतार में नजर आएंगी। छात्राओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए इन महिला पुलिसकर्मियों को जल्द ही वॉकी-टॉकी और बॉडी - वार्न कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके अलावा, छात्राओं से सीधा संपर्क बनाए रखने के लिए उन्हें समर्पित सिम कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि छात्राएं किसी भी परेशानी में सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
इन पुलिस दीदियों की कार्यप्रणाली को तेज और प्रभावी बनाने के लिए उन्हें राज्य की इमरजेंसी सेवा 'डायल 112' से जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही निकटतम इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों और अन्य पुलिस दीदी टीमों के साथ इंटर-टैगिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। पूरी योजना के तहत राज्यभर में 5000 महिला पुलिसकर्मियों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कुल दो चरणों में 2500 टीमों का गठन होना है, जिसमें से अब तक 1408 टीमों का गठन कर उन्हें 1000 स्कूटियां दी जा चुकी हैं। पटना को सबसे अधिक 360 स्कूटियां मिली हैं, जबकि बाकी जिलों में औसतन 10 से 20 स्कूटियां आवंटित की गई हैं। हर स्कूटी पर महिला एएसआई या प्रशिक्षित सिपाही के नेतृत्व में महिला पुलिस बल तैनात रहेगा।
छात्राओं की सुरक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए यह टीम स्कूल-कॉलेज के प्राचार्यों, शिक्षकों, महिला छात्रावासों की वार्डन और कोचिंग संचालकों से नियमित संवाद स्थापित करेगी। इससे संवेदनशील क्षेत्रों और हॉट-स्पॉट्स की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही इन पुलिस दीदियों को दो हफ्ते का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें महिलाओं और बच्चों से जुड़े कानूनी प्रावधानों, आत्मरक्षा के गुर, सीपीआर और बॉडी वार्न कैमरे चलाने की जानकारी दी जाएगी। एडीजी केएस अनुपम के अनुसार, 1500 नई स्कूटियों की खरीद की प्रक्रिया भी जारी है ताकि इस सेवा का विस्तार तेजी से किया जा सके।
मनचलों और शोहदों पर सख्त कार्रवाई के लिए भी विशेष नियम तय किए गए हैं। पुलिस दीदियां हॉट-स्पॉट्स पर तैनात रहकर छेड़खानी करने वालों की पहचान करेंगी और उन्हें पकड़ेंगी। यदि कोई व्यक्ति दो या उससे अधिक बार ऐसे मामलों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसका नाम सीधे गुंडा रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। वहीं अगर कोई नाबालिग पहली बार छेड़छाड़ में पकड़ा जाता है तो उसकी काउंसलिंग की जाएगी, लेकिन बार-बार पकड़े जाने पर सनहा दर्ज कर सामाजिक जांच रिपोर्ट के साथ उसे किशोर न्याय परिषद के समक्ष पेश किया जाएगा।