

किसान समृद्धि पर केंद्रित होगा स्थापना दिवस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश का 71वां स्थापना दिवस 1 नवंबर को ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ थीम पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्थापना दिवस के आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कृषि उपलब्धियों, किसानों की प्रगति और कृषि क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों को स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। राज्य स्तर के साथ सभी जिलों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्नत और प्राकृतिक खेती की लगेंगी प्रदर्शनियां
स्थापना दिवस के अवसर पर उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और कृषि नवाचारों से संबंधित विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनके माध्यम से किसानों और आम नागरिकों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलाव और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और सफल प्रयोगों को भी प्रदर्शनी के माध्यम से सामने लाया जाए, ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर अपनी खेती में नई पद्धतियों को अपना सकें।
किसानों, उद्यमियों और युवाओं का होगा सम्मान
कार्यक्रम में कृषि, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले किसानों, उद्यमियों और युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापना दिवस के कार्यक्रम केवल सरकारी आयोजन तक सीमित नहीं रहें, बल्कि इनमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो। स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी कला, कौशल और क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाए। इससे प्रदेश की उपलब्धियों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी पहचान मिलेगी।
किसान कल्याण वर्ष की उपलब्धियां होंगी प्रदर्शित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत वर्षभर संचालित गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्धियों को स्थापना दिवस पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थापना दिवस की रात प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर आकर्षक रोशनी करने तथा कार्यक्रमों को उत्सवपूर्ण स्वरूप देने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां करने को कहा।