

उत्तराखंड के सैन्य इतिहास में 12 से 14 जून, 2026 का समय एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। देश की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रही हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 12 जून की दोपहर बाद देहरादून पहुंचेंगी, जहां वे राजपुर रोड स्थित 'राष्ट्रपति निकेतन' में कई गणमान्य हस्तियों से मुलाकात करेंगी और वहीं रात्रि विश्राम करेंगी। इस दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण 13 जून को होने वाली भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड (POP) होगी। सुबह 7:30 बजे से शुरू होने वाले इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वे आईएमए के 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के जांबाज कैडेट्स की ऐतिहासिक परेड का निरीक्षण करेंगी और उनकी सलामी लेंगी। यह गौरवमयी पल आईएमए के इतिहास में बेहद खास होने वाला है। अकादमी के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स यहां से पास आउट होकर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगी। इसके साथ ही, यह भी पहला अवसर होगा जब कोई महिला राष्ट्रपति आईएमए की इस प्रतिष्ठित परेड की मुख्य अतिथि बन रही हैं। वह इस अकादमी में परेड की सलामी लेने वाली देश की पांचवीं राष्ट्रपति होंगी। अपने दौरे के आखिरी दिन, यानी 14 जून को राष्ट्रपति मुर्मु बाबा केदारनाथ धाम के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए जाएंगी। बाबा केदार के दर्शन करने के बाद, वह उसी दिन दोपहर बाद हवाई मार्ग से नई दिल्ली के लिए वापिस रवाना हो जाएंगी।
राष्ट्रपति के इस अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरे को देखते हुए देहरादून की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रपति के भ्रमण मार्ग, कार्यक्रम स्थल और उनके प्रवास के पूरे क्षेत्र को 'नो ड्रोन जोन' में तब्दील कर दिया है, जिसके तहत इस अवधि में किसी भी प्रकार के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
IMA का गौरवशाली सफर
एक अक्टूबर 1932 को महज 40 जेंटलमैन कैडेट्स के साथ शुरू हुई इस गौरवशाली अकादमी की क्षमता आज बढ़कर 1,650 कैडेट्स तक पहुंच चुकी है, और अब तक 64,000 से अधिक अधिकारी यहां से देश की सेवा में जा चुके हैं। इस बार पासिंग आउट परेड को लेकर नए कैडेट्स और अकादमी के अधिकारियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। कैडेट्स परेड की सफलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से कड़ी मेहनत, ड्रिल और मार्चिंग का अभ्यास कर रहे हैं, ताकि देश की सेवा के इस सफर की शुरुआत को बेहद शानदार और यादगार बनाया जा सके।