यूपी बना निवेश का महा हब

बेंगलुरु रोड शो में उमड़ा वैश्विक टेक जगत, योगी सरकार के सुशासन और नीतियों पर निवेशकों ने जताया 50,000 करोड़ रूपए का भरोसा।
यूपी बना निवेश का महा हब
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उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व को बेंगलुरु में आयोजित 'उत्तर प्रदेश ग्रोथ डायलॉग-2026' में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता मिली है। देश की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु में आयोजित भव्य रोड शो और राउंड टेबल बैठकों के दौरान दुनिया भर की दिग्गज कंपनियों ने उत्तर प्रदेश की प्रगति पर अटूट विश्वास जताते हुए 50,000 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस महा-निवेश से राज्य के भीतर वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी), शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और वर्ल्ड-क्लास बिजनेस पार्कों के निर्माण को एक नई और अत्यधिक तीव्र गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वैश्विक बिजनेस लीडर्स को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश उद्योग जगत के लिए 'थ्री-एस' यानी सेफ्टी (सुरक्षा), स्टेबिलिटी (नीतिगत स्थिरता) और स्पीड (तीव्र विकास) का एक आदर्श और बेहतरीन मॉडल बन चुका है।

इस रोड शो की सबसे बड़ी और रणनीतिक उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गूगल क्लाउड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) तरुण पंत के बीच हुई अत्यंत उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक रही। गूगल इंडिया की टीम ने प्रदेश के विकास के संकल्पों के साथ मजबूती से जुड़ने की घोषणा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-आधारित समाधानों के जरिए यूपी की नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के सामने साल 2031 तक उत्तर प्रदेश में चार करोड़ वर्ग फीट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस तैयार करने और 500 नई जीसीसी इकाइयां स्थापित कर राज्य को देश का सबसे बड़ा जीसीसी हब बनाने का एक स्पष्ट और ऐतिहासिक रोडमैप प्रस्तुत किया। निवेशकों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य हर साल 2 लाख से अधिक साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (स्टेम) ग्रेजुएट्स के साथ दो आईआईटी और लखनऊ आईएम जैसे विख्यात संस्थानों के माध्यम से अत्याधुनिक और अत्यधिक कुशल मैनपावर लगातार तैयार कर रहा है।

इस भव्य रोड शो के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी 15 वैश्विक और राष्ट्रीय कंपनियों ने राज्य में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की औपचारिक घोषणाएं कीं। औद्योगिक एवं प्राइवेट बिजनेस पार्क के क्षेत्र में होराइजन (ब्लैकस्टोन) ने 10,000 करोड़ रूपए, एंबेसी ग्रुप ने 5,000 करोड़ रूपए, रहेजा-माइंडस्पेस रीट ने 5,000 करोड़ रूपए, प्रेस्टीज ग्रुप ने 15,000 करोड़ रूपए और सत्व डेवलपर्स ने 4,000 करोड़ रूपए के बड़े निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए, जबकि श्रीराम प्रॉपर्टीज ने भी व्यापारिक पार्क विकसित करने के लिए एमओयू किया। दूसरी तरफ एलजी, इनमोबी, अमेरिप्राइज, मेटलाइफ और टेबलस्पेस जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों ने नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स स्थापित करने की घोषणा की। रोजगार सृजन के मोर्चे पर एऑन की निदेशक शेरिन जॉन ने नोएडा कार्यालय के विस्तार के साथ 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की बात कही, जबकि टीमलीज सर्विसेज ने राज्य में प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता को बढ़ाने और प्रतिभा विकास के लिए एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौते को अंजाम दिया।

बेंगलुरु के इस मंच पर वैश्विक कॉर्पोरेट दिग्गजों ने मुक्त कंठ से योगी सरकार के सुशासन और नीतियों की जमकर सराहना की। एंबेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को नए भारत की उभरती आकांक्षाओं और संपूर्ण देश की विकास गाथा का सबसे केंद्रीय स्तंभ बताया, वहीं कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने राज्य की जीसीसी नीति, 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी और लखनऊ में बनने वाली एआई सिटी जैसी पहलों को गेम-चेंजर करार दिया। आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने उत्तर प्रदेश के व्यापक और सकारात्मक व्यावसायिक बदलाव की प्रशंसा करते हुए घोषणा की कि कंपनी लखनऊ में अपनी एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने जा रही है, जो पूरी तरह से जनरेटिव एआई और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी।

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में आया यह क्रांतिकारी और अभूतपूर्व बदलाव सीधे तौर पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की डबल इंजन नीतियों की बहुत बड़ी सफलता है। 9 वर्ष पूर्व बीमारू राज्य और पलायन की छवि से उबरकर आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से शामिल हो चुका है और देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का अकेले 60 प्रतिशत हिस्सा समेटे हुए है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सुचारू संचालन, 16 हजार किलोमीटर के रेलवे नेटवर्क, देश के पहले राष्ट्रीय जलमार्ग और 'निवेश मित्र' जैसे सिंगल विंडो रिफॉर्म्स ने राज्य को देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी 'विकसित भारत' के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सुदृढ़, सुरक्षित और विकासपरक नेतृत्व आज उत्तर प्रदेश को समृद्धि और औद्योगिक प्रगति के एक स्वर्णिम युग की ओर ले जा रहा है।

वैश्विक मंच पर मिला यह अभूतपूर्व भरोसा साफ संकेत देता है कि राज्य की जनता विकास और सुशासन के इस सिलसिले को रुकने नहीं देगी। आगामी विधानसभा चुनावों में विपक्ष के तमाम एजेंडे इस औद्योगिक क्रांति के आगे पूरी तरह बेअसर साबित होंगे और प्रदेश में एक बार फिर भारी बहुमत से कमल खिलना तय है।

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