

मथुरा के पावन केशवधाम में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रवाद और सामाजिक एकता के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। इस महत्वपूर्ण मंथन का एक मुख्य केंद्र आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 रहा, जिसके लिए संघ ने अपने आनुषंगिक संगठनों के साथ मिलकर जीत का एक ठोस 'विजय फॉर्मूला' तैयार किया है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सीधी पहुंच बनाई जाए। रणनीति के तहत सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनकल्याणकारी नीतियों को हर घर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि प्रदेश में प्रगति की निरंतरता बनी रहे।
बैठक में हिंदुत्व के एजेंडे को सेवा और सामाजिक समरसता के माध्यम से और अधिक धार देने का निर्णय लिया गया है। इस मिशन में अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर पूज्य साधु-संतों के मार्गदर्शन को आगे रखा जाएगा, जिससे समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का व्यापक संचार हो सके। विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य सहयोगी संगठनों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे हिंदू सम्मेलनों के जरिए समाज को एकजुट करें और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर पहले से कहीं अधिक क्रियाशील बनाएं। विशेष रूप से बस्तियों में निरंतर संवाद और सामाजिक समरसता के कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अत्यंत अनुशासन के साथ संचालित इस बैठक में राष्ट्र और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक ऐसी सकारात्मक राह चुनी गई है, जो 2027 के चुनावी महासमर में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी।