भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने पर वार्ता

बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान भारत और चीन सीमा पर स्थायी शांति बहाली के लिए राजनीतिक हल तलाशने पर सहमत हुए।
भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने पर वार्ता
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बीजिंग में आयोजित भारत-चीन सीमा विवाद पर 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि  वार्ता के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बहुआयामी बातचीत की। दोनों पक्षों ने 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े सभी विवादास्पद मुद्दों का स्थायी एवं 'राजनीतिक समाधान' खोजने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प जताया। वार्ता के दौरान दोनों प्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास की बहाली ही दोनों देशों के बीच संबंधों को स्वाभाविक स्थिति में लाने का आधार है।

यह महत्वपूर्ण बैठक दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग—द्वारा निर्धारित रणनीतिक विज़न और सहमतियों की समीक्षा के रूप में आयोजित की गई। वर्ष 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद उत्पन्न हुए दीर्घकालिक सैन्य तनाव को कम करने और सीमा निर्धारण प्रक्रिया में प्रगति दर्ज करने के लिए यह एक बेहद अहम कूटनीतिक पड़ाव माना जा रहा है।

दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंध केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये वैश्विक और रणनीतिक महत्व रखते हैं। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई यह उच्चस्तरीय बातचीत आपसी मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और बहुपक्षीय तथा व्यापारिक मंचों पर पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ करने के प्रति दोनों राष्ट्रों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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