
अब बिहार के सरकारी स्कूलों के कक्षा 6 से 12 तक के बच्चे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की पढ़ाई करेंगे। शिक्षा विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग जल्द ही एजेंसी से करार करेगा।
राज्य सरकार के डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों का तकनीकी ज्ञान बढ़ाना और उन्हें भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र से कुछ चुनिंदा विद्यालयों में यह पाठ्यक्रम शुरू हो और 2026-27 तक इसे सभी मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू कर दिया जाए।”
नई शिक्षा नीति 2020 के आधार पर तैयार किए गए इस ड्राफ्ट का मकसद छात्रों में एआई प्रवाह, डिजिटल रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच विकसित करना है। एआई टूल्स की मदद से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों को और अधिक रोचक और इंटरेक्टिव तरीके से पढ़ाया जाएगा।
एजेंसी स्कूलों में आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षक उपलब्ध कराएगी। प्रशिक्षक स्थानीय शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देंगे ताकि वे आगे बच्चों को एआई की पढ़ाई करा सकें। इस पहल से सरकारी स्कूलों के छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, वे वास्तविक समस्याओं को रचनात्मक तरीके से हल करने में सक्षम होंगे और तेजी से बढ़ती डिजिटल-प्रथम दुनिया के लिए तैयार हो पाएंगे।
इसका बड़ा लाभ यह होगा कि हर वर्ग के बच्चे, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कैसी भी हो, तकनीकी शक्ति और रचनात्मकता के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकेंगे।