

उत्तर प्रदेश के कृषि और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं को लेकर फ्रांसीसी कंपनियां आगे आई हैं। पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी में हिस्सा लेने गए उत्तर प्रदेश के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक निवेशकों के सामने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और कृषि उत्पादों की उपलब्धता का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय दूतावास में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण सचिव अविनाश जोशी की मौजूदगी में हुई इन बैठकों के दौरान फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी रॉकेट ने प्रदेश में निवेश करने की आधिकारिक सहमति दे दी है। इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव निखिल टीकाराम फुंडे और खाद्य प्रसंस्करण के विशेष सचिव राजकमल यादव शामिल रहे।
रॉकेट कंपनी मुख्य रूप से मक्का और अन्य कृषि उत्पादों के जरिए स्टार्च, प्रोटीन तथा खाद्य एवं औषधि उद्योगों में उपयोग होने वाली सामग्रियां तैयार करती है। पेरिस में हुई इस अहम बैठक के दौरान फर्रुखाबाद और कन्नौज सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मक्का की प्रचुर उपलब्धता और उसकी सुचारू आपूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। इस प्रस्तावित निवेश से स्थानीय किसानों को अपनी उपज के लिए एक बड़ा औद्योगिक बाजार मिलने का नया रास्ता साफ हो गया है।
रॉकेट के साथ-साथ फ्रांस की प्रसिद्ध इंजीनियरिंग और आधारभूत संरचना प्रबंधन कंपनी एडेइस के प्रतिनिधि क्रिस्टोफ मोनी ने भी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं के विकास और तकनीकी सहयोग में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। प्रतिनिधिमंडल ने वहां के उद्यमियों को प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं की पूरी जानकारी दी, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यशस्वी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की विकास-उन्मुख नीतियों और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश लगातार वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।