

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल
दिल्ली सरकार ने राजधानी की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र महिलाएं 1 अगस्त 2026 से योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय से योजना के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। सरकार के अनुसार, इस योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया जाएगा।
रक्षाबंधन से पहली किस्त देने की तैयारी
दिल्ली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है। सरकार योजना की पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाए। इससे भुगतान प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजना की पारदर्शिता बनी रहेगी। हर महीने मिलने वाली 2,500 रुपए की सहायता राशि से महिलाओं को अपनी घरेलू और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने में राहत मिलने की उम्मीद है। इस राशि का उपयोग राशन, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों, दवाइयों, यात्रा खर्च और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
ऑनलाइन पोर्टल से आसान होगा आवेदन
दिल्ली लक्ष्मी योजना में पंजीकरण के लिए पात्र महिलाएं योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के दौरान नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, पता, बैंक खाते और आधार से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था के माध्यम से महिलाएं घर बैठे या नजदीकी सुविधा केंद्र की सहायता से अपना पंजीकरण करा सकेंगी। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दी गई जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी।
योजना से बढ़ेगी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी
दिल्ली लक्ष्मी योजना को महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हर महीने मिलने वाली सहायता राशि भले ही परिवार की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त न हो, लेकिन इससे महिलाओं को नियमित आर्थिक सहारा अवश्य मिलेगा। योजना की सफलता इसके प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र महिलाओं की सही पहचान और सहायता राशि समय पर जारी किए जाने पर निर्भर करेगी।