

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए आगामी समय अद्भुत और रोमांचक खगोलीय घटनाओं से भरा हुआ है। इस दौरान 12 से 18 अगस्त के बीच आसमान में छह ग्रहों—बृहस्पति, बुध, मंगल, यूरेनस, शनि और नेपच्यून—की एक सीधी व टेढ़ी रेखा में शानदार परेड देखने को मिलेगी। पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बनने वाले इस संरेखण को देखने का सबसे बेहतरीन समय रात दो बजे के बाद रहेगा, जिसमें से चार ग्रहों को नग्न आँखों से देखा जा सकेगा, जबकि यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन की ज़रूरत होगी।
ग्रहों के इस अद्भुत संयोजन के साथ ही 12 और 13 अगस्त की रात पर्सीड उल्कावर्षा अपने चरम पर होगी। स्विफ्ट-टटल धूमकेतु के मलबे से होने वाली इस खगोलीय आतिशबाजी के दौरान प्रति घंटे 50 से 100 उल्काएँ चमकती नज़र आएंगी। इसके अलावा 12 अगस्त को लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में दिखाई देगा, हालांकि भारत में इसका असर नहीं होगा। वहीं 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर पश्चिमी देशों में 'स्टर्जन मून' का दृश्य देखने को मिलेगा।
खगोलीय घटनाओं का यह सिलसिला यही नहीं थमेगा, बल्कि 14 नवंबर 2026 को भी एक विशेष संरेखण देखने को मिलेगा जब बुध, शुक्र, मंगल और बृहस्पति एक सीध में दिखाई देंगे। इसके साथ ही विभिन्न तिथियों पर चंद्रमा का अलग-अलग ग्रहों के साथ निकट आना और युति बनाना पूरे वर्ष खगोल प्रेमियों के लिए ब्रह्मांड के अद्भुत नज़ारे प्रस्तुत करता रहेगा।