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गुवाहाटी में शुभमन गिल का दोहरा शतक: 400 के सामने 406

वेस्टइंडीज़ के पहले 400+ वनडे स्कोर (405/7) के जवाब में भारत ने 406/2 बनाकर दूसरा वनडे जीता; शुभमन गिल की नाबाद 223 रनों की पारी वनडे इतिहास का सबसे तेज़ दोहरा शतक रही।

30 सितंबर 2026 की रात गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में वही हुआ जो वनडे क्रिकेट में विरले दिखता है: दोनों टीमों ने 400 का आँकड़ा पार किया। वेस्टइंडीज़ ने पहले खेलते हुए अपने इतिहास का सबसे बड़ा वनडे स्कोर 405/7 खड़ा किया, और भारत ने 43.3 ओवर में 2 विकेट पर 406 रन बनाकर आठ विकेट से जीत दर्ज की। इसी के साथ तीन मैचों की सीरीज़ 2-0 से भारत के नाम हो गई। सवाल यह है कि इस रन-वर्षा में कौन-से रिकॉर्ड बने, और गिल की पारी इतिहास के बाकी दोहरे शतकों के सामने कहाँ ठहरती है?

वेस्टइंडीज़ की रिकॉर्ड पारी

जॉन कैम्पबेल ने 65 गेंदों में 101, कप्तान शाई होप ने 104 (उनका 20वाँ वनडे शतक) और अमीर जांगू ने 77 गेंदों में 114 रन बनाए। होप और जांगू के बीच तीसरे विकेट के लिए 182 रन जुड़े, जबकि आख़िरी 10 ओवरों में 76 रन और आए। एक ही वनडे पारी में तीन शतक लगने का यह सिर्फ़ छठा मौका था। यह वेस्टइंडीज़ का पहला 400+ स्कोर रहा और साथ ही किसी हारने वाली टीम का वनडे इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।

भारत का जवाब: दूसरा सबसे बड़ा सफल पीछा

रोहित शर्मा और गिल ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े। रोहित ने 72 गेंदों में 101 रन बनाकर अपना 35वाँ वनडे शतक पूरा किया और इसी दौरान वनडे में 12,000 रन भी पार किए। विराट कोहली ने 19 गेंदों में 29 और ऋतुराज गायकवाड़ ने 37 गेंदों में 31 रन का योगदान दिया। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सफल पीछा है; पिछला रिकॉर्ड 2013 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 362 रन का था। वनडे इतिहास में 400 से ऊपर के लक्ष्य का पीछा सिर्फ़ दूसरी बार सफल हुआ; इससे पहले 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ऐसा किया था। दोनों पारियों में कुल 811 रन बने।

गिल की पारी: आँकड़ों में

गिल 133 गेंदों में 26 चौकों और 8 छक्कों की मदद से नाबाद 223 रन बनाकर लौटे। उन्होंने शतक 62 गेंदों में पूरा किया, जो किसी भारतीय कप्तान का सबसे तेज़ वनडे शतक है, और दोहरा शतक 117 गेंदों में, जो वनडे इतिहास का सबसे तेज़ है। पिछला रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम था, जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 126 गेंदों में 200 पूरे किए थे।

इतिहास के दोहरे शतकों के सामने

वीरेंद्र सहवाग ने 2011 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 219 रन बनाए थे और 200 तक पहुँचने में 140 गेंदें ली थीं। क्रिस गेल ने 2015 विश्व कप में ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध 138 गेंदों में 200 पूरे किए। सचिन तेंदुलकर ने 2010 में वनडे में पहली बार यह आँकड़ा छुआ था। ग्लेन मैक्सवेल ने 2023 विश्व कप में अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ नाबाद 201 रन लक्ष्य का पीछा करते हुए बनाए थे, और गिल पीछा करते हुए दोहरा शतक लगाने वाले उनके बाद दूसरे बल्लेबाज़ हैं। स्कोर के हिसाब से गिल की 223* अब रोहित शर्मा (264) और मार्टिन गप्टिल (237*) के बाद वनडे की तीसरी सबसे बड़ी पारी है। पीछा करते हुए यह किसी भी बल्लेबाज़ का सर्वोच्च स्कोर भी है; उन्होंने एम.एस. धोनी के नाबाद 183 रन को पीछे छोड़ा।

कप्तानी का दुर्लभ कीर्तिमान

गिल कप्तान रहते टेस्ट और वनडे, दोनों में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 2025 में एजबेस्टन में इंग्लैंड के विरुद्ध उन्होंने टेस्ट में 269 रन बनाए थे। यह वनडे में उनका दूसरा दोहरा शतक है; पहला 2023 में हैदराबाद में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 208 रन का था। वे रोहित शर्मा के बाद वनडे में एक से ज़्यादा दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज़ हैं।

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