Science and Technology

गूगल-व्हाट्सऐप में एआई की एंट्री

टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया बदलाव: गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट के एआई अपडेट्स। अब एआई से बातचीत, स्मार्ट ब्राउजिंग और नया डिज़ाइन अनुभव।

गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को एआई-सक्षम और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए महत्वपूर्ण अपडेट्स जारी किए हैं। गूगल होम ऐप को नया मटेरियल-3 डिज़ाइन मिला है, व्हाट्सऐप में मेटा एआई से वॉइस चैट की सुविधा जुड़ी है, और माइक्रोसॉफ्ट ऐज ब्राउज़र में कोपिलोट मोड के साथ ब्राउज़िंग को और स्मार्ट बनाया गया है।

गूगल होम ऐप को मिला नया मटेरियल-3 डिज़ाइन

गूगल ने अपने होम ऐप का लेटेस्ट वर्जन 3.37 लॉन्च किया है, जिसमें यूज़र इंटरफेस को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया गया है। इस अपडेट में गूगल ने ऐप का लेआउट पूरी तरह से नया रूप दिया है, जिससे इसका उपयोग पहले से अधिक आसान और आकर्षक हो गया है। फिलहाल यह नया वर्जन केवल एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। अब ऐप में यह देखा जा सकता है कि कौन-सा म्यूज़िक या वीडियो चल रहा है, और साथ ही यूज़र्स को मीडियाप्लेयर को कंट्रोल करने के लिए बेहतर बटन और स्क्रबिंग विकल्प भी मिलते हैं।

व्हाट्सऐप यूजर्स अब मेटा एआई से कर सकते हैं वॉइस चैट

दूसरी ओर, व्हाट्सऐप ने आईफोन यूज़र्स के लिए एक नया वॉइस चैट फीचर परीक्षण के तौर पर शुरू किया है। इस नए विकल्प के ज़रिए यूज़र अब मेटा एआई से सीधे बातचीत कर सकते हैं—बिना कुछ टाइप किए केवल बोलकर। मेटा एआई न केवल सवालों के जवाब देती है बल्कि व्यक्तिगत बातचीत में भी यूज़र की मदद करती है।

व्हाट्सऐप ने iPhone यूज़र्स के लिए एक नया बीटा अपडेट जारी किया है जिसमें मेटा एआई से सीधे बातचीत की सुविधा दी गई है। अब यूज़र्स बिना टाइप किए, सिर्फ बोलकर सवाल पूछ सकते हैं और तुरंत जवाब भी पा सकते हैं। यह एआई चैटबॉट न केवल बातचीत करता है, बल्कि समस्याओं को समझकर मदद भी करता है। यह अपडेट व्हाट्सऐप को एआई-इनेबल्ड चैटिंग के एक नए स्तर पर ले जाता है।

माइक्रोसॉफ्ट ऐज ब्राउज़र में जोड़ा गया कोपिलोट मोड

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ऐज ब्राउज़र में ‘कोपिलोट मोड’ को शामिल किया है जो एक इंटेलिजेंट एआई असिस्टेंट की तरह काम करता है। यह मोड यूज़र के सवालों के जवाब देने, वेबसाइट्स का सारांश देने, तुलना करने और सुझाव देने जैसे कार्य करता है। यह एक अलग टैब या एक छोटी विंडो में खोला जा सकता है ताकि यूज़र को हर वेबसाइट को खुद पढ़ने की जरूरत न पड़े। यह ब्राउज़िंग अनुभव को और अधिक सहज, तेज और स्मार्ट बना देता है।

तीनों टेक कंपनियों के ये बदलाव यह संकेत देते हैं कि आने वाला डिजिटल युग एआई-संचालित इंटरफेस, स्मार्ट फीचर्स और यूजर-केंद्रित डिजाइन पर आधारित होगा। टेक्नोलॉजी अब न केवल हमारी जरूरतों को समझ रही है, बल्कि उन्हें पहले से आसान बना रही है।

Gulf Dreams Turn Deadly For 55,550 Telugu Youth

Telugu States Continue Border Dispute Over Five Villages

Telugu States ISIS Bust Exposes Digital Radicalisation Network

AP vs TG at Srisailam Dam: A Fresh Interstate Flashpoint Emerges!

अब बैंक अकाउंट भी होगा 'पोर्ट'