केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक कमान संभाल ली है। देश की राजधानी में पंजाब के प्रमुख पार्टी पदाधिकारियों के साथ आयोजित एक विशेष मंथन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के वर्तमान सियासी परिदृश्य का बारीकी से आकलन किया। भारतीय जनता पार्टी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत और एक बड़े ब्लूप्रिंट के साथ उतरने का मन बना चुकी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव की तैयारियां जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करते हुए अपने दम पर बहुमत हासिल करने के लक्ष्य के साथ की जानी चाहिए।पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे को धार देने के साथ-साथ राज्य की जनता से जुड़े प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। इसके तहत पंजाब के सीमावर्ती जिलों और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास, कानून व्यवस्था , ड्रग्स जैसी गंभीर समस्याओं तथा अन्य सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इन स्थानीय चुनौतियों से निपटने के लिए पार्टी आम जनता के बीच एक पारदर्शी और व्यावहारिक कार्ययोजना लेकर जाएगी, ताकि लोगों के साथ सीधा सामंजस्य स्थापित किया जा सके। इसके साथ ही, आलाकमान ने निर्देश दिया है कि भाजपा सिख और दलित समुदाय सहित अन्य सभी जातीय समीकरणों पर गहराई से काम करेगी, जिसके लिए हर जाति समूह के लोगों से बूथ स्तर पर जाकर जीवंत संपर्क स्थापित किया जाएगा।
इस सांगठनिक रणनीति को गति देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का शनिवार से पंजाब दौरा शुरू हो चुका है, जिसे जमीनी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के भी पंजाब में सिलसिलेवार कार्यक्रम तय किए जाएंगे। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य तरुण चुग के अनुसार राज्य की जनता के पास इस बार भाजपा के रूप में एक मजबूत और बेहतर विकल्प मौजूद है, जिसे व्यापक जनसंपर्क के जरिए घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।
भाजपा ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए मई 2026 में बड़ा सांगठनिक बदलाव किया, जिसके तहत जाट सिख समाज के कद्दावर नेता सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और बरनाला से विधायक रह चुके केवल सिंह ढिल्लों जून 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे और उन्होंने 3 जून 2026 को आधिकारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में पार्टी विशेषकर मालवा क्षेत्र और पूरे पंजाब में अपने सामाजिक आधार को नया विस्तार दे रही है, जिससे इस बार का विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है।