उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को गति देने वाले कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गैर-शैक्षणिक कर्मियों के स्वास्थ्य कल्याण से लेकर एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार, औद्योगिक निवेश और व्यापक रोजगार सृजन को केंद्र में रखकर दूरगामी निर्णय लिए गए।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी स्कूलों के 1.70 लाख शिक्षणेतर कर्मियों तथा उनके परिजनों को कैशलेस उपचार की सुविधा देने का फैसला हुआ है। इसके अंतर्गत प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये वार्षिक बीमा प्रीमियम का कुल 51.10 करोड़ रुपये का खर्च दोनों विभाग उठाएंगे, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के 1.22 लाख कर्मियों के लिए 39.69 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के 48 हजार कर्मियों के लिए 14.41 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके माध्यम से कर्मचारी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पूरी तरह निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
राज्य के ढांचागत विकास और आवागमन को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। वर्तमान में यूपीडा द्वारा संचालित एक्सप्रेसवे को बेहतर कनेक्टिविटी देने और नए मार्गों के विकास के लिए तय की गई इन चारों परियोजनाओं का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी। इन परियोजनाओं को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद आगामी पांच वर्षों तक इनके सुचारु अनुरक्षण और मेंटेनेंस की पुख्ता व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
इन ढांचागत और औद्योगिक परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से प्रदेश में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय स्तर पर काम के नए अवसर तैयार होंगे। अनुमान के मुताबिक इन परियोजनाओं के जरिए लगभग 760 लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के बेहतर साधन उपलब्ध होंगे।
शिक्षाकर्मियों के स्वास्थ्य कल्याण के संदर्भ में सरकार ने 1.70 लाख गैर-शैक्षणिक कर्मियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देकर बड़ी राहत दी है, जिसका सालाना 51 करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम खर्च बेसिक और माध्यमिक विभाग स्वयं वहन करेंगे।
एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी के मोर्चे पर संचालित मार्गों को आपस में जोड़ने के लिए नए लिंक एक्सप्रेसवे विकसित किए जाएंगे, जिनका निर्माण तीन वर्ष में पूरा कर अगले पांच वर्षों तक अनुरक्षण की गारंटी सरकार द्वारा दी गई है।
रोजगार और आर्थिक विकास के स्तर पर इन समस्त निर्माण व ढांचागत परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश भर में करीब 760 लाख मानव दिवस के नए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान तय किया गया है।