उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी ने अपने जन्मदिन पर सत्ता और विपक्ष को अपने इरादों से अवगत कराया। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) ने आज अपने जन्मदिन पर घोषणा करते हुए कहा बसपा (BSP) अकेले चुनाव लड़ेगी , किसी से भी गठबंधन नहीं होगा। बसपा अकेले ही लोकसभा चुनाव लड़कर बड़े जनाधिकार को पार्टी के साथ मजबूती से जोड़ेगी।
मायावती ने कहा गठबंधन करके चुनाव लड़ने से बसपा को हानि होगी। बसपा का वोट प्रतिशत घट सकता हैं। वहीं राम मंदिर का स्वागत करते हुए कहा जब मस्जिद बनेगी तो उसका भी स्वागत करेंगे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज पत्रकार वार्ता कर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ बयान दिए। साथ ही राजनीति से सन्यास लेने की बात को गलत करार दिया। वहीं महंगाई और बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के बाद बसपा द्वारा उचित भागीदारी मिलने पर समर्थन दिया जा सकता हैं पर यह समर्थन मुफ्त मे नहीं दिया जाएगा।
1995 में पहली बार मुख्यमंत्री बनी मायावती
वर्ष 1977 में कांशीराम के सम्पर्क में आने के बाद मायावती ने राजनीति में आने का निर्णय लिया। 1989 में बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर पहली जीत प्राप्त की। वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश से ही पहली बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुई। उत्तरप्रदेश की पहली दलित महिला मायावती 1995 में मुख्यमंत्री बनीं। 15 दिसंबर 2001 को लखनऊ में कांशीराम ने एक रैली के समय अपने संबोधन में मायावती को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। 18 सितंबर 2003 को बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनी गईं। दिसम्बर 2023 में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित किया।
उत्तरप्रदेश में बसपा की स्थिति
अभी बसपा के पास उत्तरप्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा की एक ही सीट हैं, जिसके विधायक उमाशंकर सिंह हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा 10 सीटें जीती थी। गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से अफजल अंसारी, घोसी लोकसभा क्षेत्र से अतुल कुमार सिंह, नगीना लोकसभा क्षेत्र से गिरिश चन्द्र , सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से हाजी फजलुर रहमान , अमरोहा लोकसभा क्षेत्र से कुंवर दानिश अली , बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से मलूक नागर , श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र से राम शिरोमणि वर्मा, अम्बेडकर नगर लोकसभा क्षेत्र से रितेश पांडे , लालगंज लोकसभा क्षेत्र से संगीता आज़ाद , जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से श्याम सिंह यादव सांसद हैं।
यूपी में अभी भाजपा की सरकार हैं। भाजपा (BJP) के पास 255 विधानसभा सीट हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 62 ,अपना दल (एस) ने 2, बसपा ने 10, सपा ने 5 और कांग्रेस ने 1 सीट जीती थी। जानकारी के अनुसार I.N.D.I.A गठबंधन के तहत कांग्रेस के कुछ नेता दलित वोटों के लिए बसपा के साथ गठबंधन करने की इच्छा जता रहे थे, पर समाजवादी पार्टी इसके पक्ष में नहीं थी। ऐसे में आज बसपा की अकेले लोकसभा चुनाव की सार्वजनिक घोषणा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के तहत बसपा जल्द ही प्रत्याशी घोषित करेगी।