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भाजपा द्वारा 17 दिसंबर से जन जन की सरकार, जन जन के द्वार अभियान

धामी सरकार ने 970 न्याय पंचायत कैंपों में जनसहभागिता हेतु विधायकों एवं दायित्वधारियों को सौंपी जिम्मेदारी।

उत्तराखंड में धामी सरकार के 'जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' अभियान को व्यापक जनसहभागिता से सफल बनाने हेतु भाजपा संगठन मैदान में उतर रहा है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के निर्देश पर सभी 970 न्याय पंचायत में होने वाले इन कार्यक्रमों को लेकर मंत्रियों, विधायकों, दायित्वधारियों एवं पार्टी पदाधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस अभियान के प्रदेश समन्वयक एवं प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 दिसंबर से अगले 45 दिनों तक संचालित होने वाले प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों में पार्टी सक्रिय भूमिका निभाएगी। संगठन की तरफ से निर्धारित समन्वयक सुनिश्चित करेंगे कि न्याय पंचायत स्तर पर होने वाले इस अभियान में अधिक से अधिक जनता की सहभागिता हो। जिसके तहत पार्टी का प्रयास होगा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आम लोगों तक पहुंचे। वहीं जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो, इसके लिए हमारे कार्यकर्ता कार्यक्रमों में सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि इस अभियान के तहत लगने वाले कैंपों में संबंधित क्षेत्र के सभी लोगों को योजनाओं की जानकारी एवं लाभ मिल सके। इन कैंपों में जनता से जुड़ी तमाम समस्याओं को सुनकर, उसका मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया जायेगा। सरकार में मंत्री, सांसद एवं सभी पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के साथ, जनता की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। साथ कैंपों में सम्मिलित होने वाले विभागों और उससे संबंधित सभी विषयवार जानकारी को सोशल मीडिया आदि तमाम माध्यमों से जनता में प्रसारित करने का काम भी करेंगे।

प्रदेश नेतृत्व द्वारा तय विधानसभावार समन्वयकों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिन क्षेत्रों में पार्टी के विधायक हैं वहां वे समन्वय का कार्य देखेंगे। वहीं शेष क्षेत्रों में दायित्वधारी इस भूमिका का निर्वहन करेंगे, जिसमें क्रमशः बद्रीनाथ श्री विजय कपरवाण, प्रताप नगर श्रीमती गीता रावत, चकराता श्री विनय रहेला, ज्वालापुर श्री कैलाश पंत, लक्सर श्री शोभाराम प्रजापति, हरिद्वार ग्रामीण डॉक्टर जयपाल चौहान, भगवानपुर श्री सुनील सैनी, झबरेड़ा श्री ओमप्रकाश जगदम्बग्नि, पिरान कलियर श्री देशराज कर्नवाल, खानपुर श्री सुरेंद्र मोगा, मंगलौर श्री श्यामवीर सैनी, पिथौरागढ़ धारचूला श्री गणेश भंडारी, द्वाराहाट श्री शिव सिंह बिष्ट, अल्मोड़ा श्री शंकर कोरंगा, लोहाघाट श्री श्याम नारायण पांडे, हल्द्वानी श्री बलराज पासी, जयपुर सरदार मंजीत सिंह, बाजपुर श्री दीपक मेहरा, किच्छा श्री सुरेश भट्ट, नानकमत्ता श्री दिनेश आर्य, खटीमा श्री उत्तम दत्ता, यमुनोत्री श्री गीता राम गौड़, चंपावत श्री मुकेश मेहराणा प्रमुख हैं।

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