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गुजरात विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र: 8 से 10 सितंबर

गुजरात की 15वीं विधानसभा का सातवां मानसून सत्र 8 से 10 सितंबर, 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य के विकास, नीतिगत सुधारों और सामाजिक कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

गुजरात की 15वीं विधानसभा का सातवां मानसून सत्र 8 से 10 सितंबर, 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य के विकास, नीतिगत सुधारों और सामाजिक कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रेस्क्रिप्टिव मिनिस्टर ऋषिकेश पटेल ने इस तीन दिवसीय सत्र की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि सत्र की शुरुआत 8 सितंबर को प्रश्नकाल से होगी, जिसके बाद पूरे दिन शोक प्रस्तावों पर विचार-विमर्श होगा। इसके पश्चात गृह को स्थगित कर दिया जाएगा।

9 और 10 सितंबर को विधानसभा में प्रश्नोत्तर सत्र और अन्य कार्यवाही के साथ-साथ पांच महत्वपूर्ण सुधार विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग का 'कारखाना (गुजरात संशोधन) विधेयक, 2025', वित्त विभाग का 'गुजरात माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025', उद्योग और खान विभाग का 'गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025', साथ ही स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के 'गुजरात वैद्यक व्यवसायी (संशोधन) विधेयक, 2025' और 'गुजरात चिकित्सा संस्थाएं (पंजीकरण और नियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025' शामिल हैं।

प्रमुख मुद्दे और विधेयक

श्रम और रोजगार: 'कारखाना (गुजरात संशोधन) विधेयक, 2025' के माध्यम से राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के लिए आवश्यक लाभ और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य घंटों में सुधार लाएगी।

जीएसटी संशोधन: 'गुजरात माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025' केंद्र सरकार के जीएसटी परिषद की सिफारिशों को लागू करने और केंद्रीय जीएसटी अधिनियम, 2017 के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

उद्योग और जन सुविधा: 'गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025' व्यवसाय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और अदालतों पर बोझ कम करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।

स्वास्थ्य सुधार: स्वास्थ्य विभाग 'गुजरात वैद्यक व्यवसायी (संशोधन) विधेयक, 2025' और 'गुजरात चिकित्सा संस्थाएं (पंजीकरण और नियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025' के जरिए आयुर्वेदिक और यूनानी व्यवसायियों के पंजीकरण को राज्य मेडिकल काउंसिल के तहत लाएगा और क्लीनिकल संस्थाओं के लिए पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाएगा।

'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर अभिनंदन

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 'ऑपरेशन सिंदूर' की अभूतपूर्व सफलता पर विधानसभा में अभिनंदन प्रस्ताव पेश करेंगे। यह प्रस्ताव राज्य सरकार की एक प्रमुख उपलब्धि को रेखांकित करेगा, जो हाल के दिनों में चर्चा में रही है। इस अवसर पर विधायकों के बीच इस पहल की सराहना और इसके प्रभाव पर व्यापक चर्चा की उम्मीद है।

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