उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले हाई-प्रोफाइल विधानसभा चुनाव को लेकर देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा ने अपनी सांगठनिक तैयारियों को बेहद आक्रामक और धारदार बनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष आगामी 4 और 5 जुलाई को लखनऊ के दो दिवसीय अत्यंत महत्वपूर्ण सांगठनिक प्रवास पर आ रहे हैं। इससे पूर्व भाजपा अध्यक्ष सपरिवार सुप्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए मथुरा आ चुके हैं, लेकिन उनका यह आगामी लखनऊ दौरा विशुद्ध रूप से रणनीतिक और सांगठनिक नब्ज टटोलने पर केंद्रित होगा। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को पार्टी ने अपनी प्रतिष्ठा का विषय बनाया है, जिसके मद्देनजर राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में होने वाला यह महा-मंथन बेहद खास और निर्णायक साबित होने जा रहा है।
लखनऊ में अपने दो दिनी गहन प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और बी.एल. संतोष प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन के साथ कोर ग्रुप की एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक प्रस्तावित है। इसके साथ ही, भाजपा अध्यक्ष पार्टी की नई प्रदेश और क्षेत्रीय टीम, सभी छह मोर्चों के नवनियुक्त अध्यक्षों तथा क्षेत्रीय व जिला स्तर के पदाधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। सांगठनिक पृष्ठभूमि से आने वाले नितिन नबीन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद प्रदेश कार्यकारिणी का भी ऐलान हो चुका है, जिससे पूरी टीम में जबरदस्त उत्साह है।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान राष्ट्रीय टीम के संभावित चेहरों को लेकर भी गहन फीडबैक लिया जाएगा, क्योंकि जल्द ही नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम का गठन होने वाला है। इस कारण उत्तर प्रदेश से जहां एक ओर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने को प्रयासरत प्रमुख नेताओं की उत्सुकता और सांगठनिक सक्रियता काफी बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर आगामी विधानसभा चुनावों के संभावित दावेदारों के बीच भी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। भाजपा ने इस बार मुख्य फोकस उन विधानसभा सीटों पर रखा है, जिन पर साल 2022 के चुनाव में पार्टी को करीबी हार का सामना करना पड़ा था। इन सभी सीटों पर नतीजे पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से विशिष्ट विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति तय की जाएगी। पार्टी ने 'बूथ सत्यापन अभियान' और 'पन्ना प्रमुखों' के माइक्रोमैनेजमेंट के जरिए प्रत्येक बूथ और शक्ति केंद्र स्तर तक सांगठनिक ढांचे को परखने तथा छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी है।
हाल ही में बंगाल के चुनावों में मिले शानदार प्रदर्शन और अनुकूल राजनीतिक नतीजों ने भाजपा के भीतर एक नया जोश और अप्रत्याशित उत्साह भर दिया है, जिसका सीधा रणनीतिक लाभ उठाने का प्रयास नितिन नवीन उत्तर प्रदेश के रण में करेंगे। वे ग्राउंड स्तर पर चल रहे विभिन्न अभियानों की समीक्षा करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्यकर्ताओं की नई टीम चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरे। कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से जमीनी स्तर पर फीडबैक लेकर स्थानीय और बड़े विकासपरक मुद्दों को चिन्हित किया जाएगा, जो विपक्ष के राजनीतिक कार्ड और नैरेटिव को पूरी तरह से निष्प्रभावी कर सकें।
उत्तर प्रदेश की इस महत्वपूर्ण राजनीतिक पिच पर भाजपा का यह दो दिवसीय महा-मंथन कार्यकर्ताओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करेगा। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुदृढ़ व पारदर्शी सुशासन के मॉडल को हर घर तक पहुंचाने के लिए भाजपा की यह नई टीम एक अभूतपूर्व रोडमैप तैयार कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह माइक्रोमैनेजमेंट और सांगठनिक कसावट सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनाव में विपक्ष के तमाम राजनीतिक गणित को ध्वस्त कर राज्य में एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ कमल खिलाने की राह को बेहद सुगम और मजबूत बनाने जा रही है।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत राष्ट्रीय विजन और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुदृढ़ व पारदर्शी सुशासन के सफल मॉडल के दम पर भाजपा की यह नई टीम आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली और लखनऊ के इस कुशल सांगठनिक समन्वय से यह साफ है कि आगामी चुनाव में विपक्ष के सारे समीकरण ध्वस्त होना तय हैं और राज्य में एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सुशासन का कमल खिलने जा रहा है।