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यूपीआईटीएस का भव्य समापन

इंडिया एक्सपो सेंटर में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में रिकॉर्ड कारोबार और निवेश के नए आयाम स्थापित हुए।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे खरीदारों और नए कारोबारी समझौतों के साथ मंगलवार को समाप्त हुआ। 25 से 29 सितंबर तक चले इस पांच दिवसीय मेले में 6,500 करोड़ रुपये के 4,400 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे लगभग 15,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार का अनुमान लगाया गया है। इस भव्य शो का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राज्य के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

यह संस्करण पिछले वर्षों की तुलना में बेहद खास साबित हुआ, जिसने प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों और पारंपरिक कारीगरों को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कुल 41,500 बीटूबी बैठकें आयोजित की गईं। वर्ष 2025 की तुलना में बैठकों में 31.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट क्षेत्र में विदेशी खरीदारों के साथ बैठकों में 123.1 प्रतिशत की विशाल छलांग देखने को मिली। ट्रेड शो में कुल 5.98 लाख से अधिक दर्शक पहुंचे, जिनमें 1.74 लाख से अधिक घरेलू बिजनेस खरीदार और 4.23 लाख आम नागरिक शामिल रहे।

मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के पर्यटन पवेलियन और 'एक जिला एक उत्पाद' योजना के तहत लगाए गए स्टॉलों को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। करीब साढ़े पांच लाख लोगों ने पर्यटन पवेलियन का भ्रमण किया, जहां अयोध्या, वाराणसी, कन्नौज के इत्र और ईको-टूरिज्म का शानदार प्रदर्शन किया गया था। ओडीओपी स्टॉलों पर विशेष रूप से लखनवी चिकनकारी और परिधानों के लिए अमेरिका व यूरोप सहित कई देशों के खरीदारों ने काफी रुचि दिखाई और बड़े पैमाने पर ऑर्डर दिए। इसके अलावा, यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए युवाओं के रक्षा क्षेत्र में बढ़ते कदमों की बानगी भी देखने को मिली, जहां एक छोटे फ्लैट से शुरुआत करने वाले उद्यमियों की डिफेंस फैक्टरी तक की यात्रा प्रदर्शित की गई।

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले यह आयोजन राज्य सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलावों ने प्रदेश को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बना दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इस बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि यूपी की पहचान अब अपराध से नहीं बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट के निर्माण से हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी के औद्योगिक मॉडल से उपजे इस व्यापारिक विस्तार का सीधा फायदा राज्य के स्थानीय रोजगार, कारीगरों, गारमेंट उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा, जो चुनावों में राज्य की विकास दर और आर्थिक साख को मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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