उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने प्रदेश की बढ़ती डिजिटल जरूरतों और डाटा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक नया राज्य डाटा सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में योजना भवन में संचालित एक मेगावाट क्षमता का डाटा सेंटर राज्य की विस्तृत डिजिटल सेवाओं और बढ़ते डाटा लोड के लिए अपर्याप्त साबित हो रहा है। इसी कारण 6 मेगावाट क्षमता वाले नए डाटा सेंटर का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।
इस परियोजना के शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर, भूमि चयन, डिजाइन और विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए 51 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने इस केंद्र के लिए ऐशबाग, सीतापुर रोड और नादरगंज स्थित जमीनों का निरीक्षण किया था, जिसमें नादरगंज स्थित अपट्रॉन की खाली भूमि को सबसे उपयुक्त पाया गया है। विभागीय स्वामित्व की भूमि होने के कारण इसके लिए अतिरिक्त भूमि खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी।
डाटा सेंटर की तकनीकी रूपरेखा और डीपीआर तैयार करने का जिम्मा आर्किटेक्ट कंपनी साइप्रस को दिया गया है। निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य से जुड़ा प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।