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मणिपुर में शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम

कुकी-जो काउंसिल ने खोला नेशनल हाईवे-02, हुआ निलंबन समझौता।

मणिपुर में लंबे समय से जारी तनाव और आवाजाही की मुश्किलों के बीच गुरुवार को एक बड़ी राहत देने वाला कदम उठाया गया। कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने घोषणा की है कि नेशनल हाईवे-02 अब आम लोगों और आवश्यक वस्तुओं के बिना रुकावट आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। यह फैसला हाल ही में दिल्ली में गृह मंत्रालय (MHA) और KZC के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई कई दौर की बैठकों के बाद लिया गया। KZC ने यह भरोसा भी जताया कि केंद्र सरकार द्वारा तैनात सुरक्षा बलों के साथ मिलकर राजमार्ग पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करेगा।

इसी दौरान, नई दिल्ली में गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) तथा यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट (UPF) के बीच एक अहम त्रिपक्षीय बैठक हुई। बैठक में सभी पक्षों ने 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO)' समझौते को संशोधित नियमों और शर्तों के साथ एक साल के लिए आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

समझौते में मणिपुर की भौगोलिक अखंडता पर जोर दिया गया है और राज्य में स्थायी शांति व स्थिरता लाने के लिए बातचीत आधारित समाधान की आवश्यकता को दोहराया गया है। KNO और UPF ने भी कई ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है। इनमें सात निर्दिष्ट शिविरों को संवेदनशील इलाकों से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करना, शिविरों की संख्या कम करना, हथियारों को नजदीकी CRPF/BSF शिविरों में स्थानांतरित करना और विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सख्त भौतिक सत्यापन शामिल हैं।

आगे से संयुक्त निगरानी समूह (Joint Monitoring Group) इन नियमों के पालन पर सख्ती से नजर रखेगा और किसी भी उल्लंघन पर कड़ा कदम उठाया जाएगा, यहां तक कि समझौते की समीक्षा भी की जा सकती है।

यह निर्णय मणिपुर में शांति स्थापना और सामान्य जीवन की बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार और संबंधित संगठनों की यह पहल न केवल राज्य के सामाजिक और आर्थिक जीवन में स्थिरता लाएगी बल्कि आपसी विश्वास और सहयोग को भी मजबूत करेगी।

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