भाजपा उत्तर प्रदेश में 11 से 15 अगस्त के बीच व्यापक 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाकर देशभक्ति का माहौल बनाएगी। इसके साथ ही पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी के तहत पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को 'मार्गदर्शन मंडल' और 'सुझाव कमेटियों' के माध्यम से पुनः मुख्यधारा से जोड़ने का फैसला किया है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है। पार्टी ने चुनाव से पहले अपनी सांगठनिक पकड़ को मजबूत करने और पारंपरिक वोट बैंक को साधे रखने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत जहां एक ओर पूरे प्रदेश में राष्ट्रभक्ति का माहौल बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर संगठन से दूर चल रहे पुराने और बुजुर्ग कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाकर उन्हें फिर से मुख्यधारा में लाया जाएगा।
भाजपा अगस्त माह में प्रदेश में व्यापक तिरंगा यात्राएं निकालकर राष्ट्रभक्ति का वातावरण तैयार करेगी। इस अभियान की मुख्य अवधि 11 से 15 अगस्त तय की गई है। अभियान के दौरान पार्टी कार्यकर्ता स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के परिवारों के बीच जाएंगे और उनके परिजनों को सम्मानित करेंगे। इस पूरे अभियान की रूपरेखा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने मिलकर तय की है।
अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक समर्पित टोली का गठन किया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर को इस अभियान का संयोजक बनाया गया है। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, तथा प्रदेश मंत्री रजनी पांडे और अनिल यादव को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए 4 और 5 अगस्त को जिला कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जबकि 6 अगस्त को सभी मंडलों में विशेष बैठकें होंगी। इसके बाद 10 से 12 अगस्त के बीच प्रदेश के सभी मंडलों में तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी।
वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की वापिसी और 2027 की रणनीति
आगामी चुनाव के लिए भाजपा संगठन का पूरा विशेष फोकस पुराने व वरिष्ठ नेताओं को एकजुट करने पर रहेगा। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत पार्टी से दूरी बना चुके वरिष्ठ और अनुभवी कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय करने की पहल की जा रही है। संगठन का मानना है कि पुराने कैडर की निष्क्रियता और पारंपरिक मतदाताओं की कम भागीदारी से चुनावी नतीजों पर असर पड़ता है। इसी को देखते हुए, पार्टी की नींव रखने वाले निष्ठावान नेताओं को विशेष सम्मान देकर फिर से मुख्यधारा से जोड़ने की योजना है। अब पार्टी उन दिग्गज नेताओं को मान-सम्मान देकर फिर से चुनावी मैदान में सक्रिय करेगी, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन को अपना योगदान दिया है।
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए भाजपा ने मंडल और जिला स्तर पर विशेष कमेटियों के गठन का निर्णय लिया है। हर मंडल स्तर पर एक 'मार्गदर्शन मंडल कमेटी' बनाई जाएगी, जिसमें इन बुजुर्ग और निष्क्रिय नेताओं को शामिल कर पार्टी की नीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले में एक 'सुझाव कमेटी' का गठन होगा, जिससे चुनाव तैयारियों को लेकर वरिष्ठ नेताओं से बहुमूल्य राय ली जाएगी। जाति आधारित राजनीति के दौर में इन बुजुर्ग नेताओं को उनकी अपनी जाति के समीकरणों को भाजपा के पक्ष में साधने का विशेष दायित्व भी सौंपा जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बूथ प्रबंधन के माहिर इन पुराने कार्यकर्ताओं की वापसी से न केवल रूठे मतदाता मानेंगे, बल्कि भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक भी बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचेगा।
प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेराष्ट्रीयप्रभावऔरमुख्यमंत्रीयोगीआदित्यनाथकेमजबूतप्रदेशनेतृत्वकेबलपरभाजपाइसरणनीतिकेजरिएउत्तरप्रदेशमेंपुनःजीतदर्जकरनेकीतैयारीकररहीहै।